डोडा सड़क हादसा: भल्ला में मिनी-बस पलटी, चार घायल — दो महिलाएं शामिल
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भल्ला इलाके में 13 अक्टूबर 2026 को एक सड़क हादसे में कम से कम चार लोग घायल हो गए, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। शेनाई के पास एक मिनी-बस के पलट जाने से यह हादसा हुआ, जो डोडा से भदरवाह के बीच चल रही थी। अधिकारियों के अनुसार सभी घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
हादसे का विवरण
अधिकारियों ने बताया कि भल्ला के शेनाई के निकट मिनी-बस का संतुलन बिगड़ने से वह पलट गई। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू कर दी है और आगे की पुष्टि की जा रही है।
घायलों की पहचान इस प्रकार हुई है: आशिक हुसैन (35), पिता गुलाम रसूल, भदरवाह के गोठा निवासी; मोहम्मद जावेद (48), पिता तालिब हुसैन, और उनकी पत्नी रुबीना बेगम (46), दोनों भल्ला के ब्रासू निवासी; तथा इंशा (35), पत्नी राशिद अहमद, भदरवाह निवासी।
सरकार की प्रतिक्रिया
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'अभी-अभी डोडा से भदरवाह जा रही एक मिनी-बस के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे के बारे में पता चलने पर डोडा के डीसी कृष्ण लाल से बात की।'
मंत्री ने यह भी कहा, 'घायल यात्रियों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अच्छी बात यह है कि किसी की मौत नहीं हुई है। हर ज़रूरी मदद दी जा रही है। मेरा कार्यालय जिला प्रशासन के संपर्क में है।'
पहाड़ी सड़कों पर हादसों की पृष्ठभूमि
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों — रामबन, डोडा, किश्तवाड़, उधमपुर और बड़गाम के कुछ हिस्सों — में सड़क हादसे कोई नई बात नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कठिन भौगोलिक स्थिति, मौसम की मार और बुनियादी ढाँचे की कमियाँ इन हादसों की मुख्य वजहें हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में अक्टूबर के महीने में तापमान गिरने के साथ धुंध और सड़क की सतह खराब होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। संकरी सड़कें, तीखे मोड़, खड़ी ढलानें और क्रैश बैरियर तथा पैरापेट वॉल जैसी सुरक्षा सुविधाओं की कमी छोटी-सी लापरवाही को भी जानलेवा हादसे में बदल देती है।
आम जनता और यात्रियों पर असर
डोडा-भदरवाह मार्ग पर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की आवाजाही रोज़ाना होती है। इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों की बदहाली लंबे समय से स्थानीय नागरिकों की चिंता का विषय रही है। गौरतलब है कि मानसून और बर्फ पिघलने के मौसम में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने की घटनाएं दृश्यता और पकड़ को और कम कर देती हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस जाँच जारी है और हादसे के सटीक कारणों की पुष्टि की जा रही है। डॉ. जितेंद्र सिंह का कार्यालय जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में बताया गया है। राहत और बचाव की सभी ज़रूरी व्यवस्थाएं की गई हैं।