उधमपुर में स्लीपर बस-टेंपो टक्कर: चार महिलाएं घायल, एक दिन पहले खाई हादसे में 2 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
उधमपुर (जम्मू-कश्मीर) के गरनाई इलाके में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 की सुबह एक स्लीपर बस और टेंपो की आमने-सामने टक्कर में चार महिला यात्री घायल हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा सुबह 7:30 बजे हुआ और घायलों को तुरंत इलाज के लिए उधमपुर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) पहुँचाया गया।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों ने बताया कि गरनाई क्षेत्र में सुबह के समय इस टक्कर में चारों महिला यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि जाँच जारी है।
एक दिन पहले का बड़ा हादसा
यह ऐसे समय में आया है जब उसी जिले में बुधवार, 21 अक्टूबर की सुबह 8 बजे एक और गंभीर सड़क हादसा हो चुका था। लट्टी-बसंतगढ़ तहसील के गुल्ली गाला के पास एक बस सड़क से उतरकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में एक महिला और एक 6 साल की बच्ची की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई, जबकि 15 अन्य यात्री घायल हुए।
स्थानीय लोगों ने हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू कर 17 यात्रियों को बसंतगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को रामनगर अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ दो की जान नहीं बच सकी।
सरकार की प्रतिक्रिया
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। दोनों ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
आम जनता पर असर और हादसों के कारण
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में सड़क हादसे लगातार एक गंभीर समस्या बने हुए हैं। मोटर वाहन विभाग और यातायात अधिकारियों के अनुसार, इन हादसों के प्रमुख कारणों में मानवीय भूल, कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियाँ शामिल हैं। तेज़ रफ़्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, अचानक दिशा बदलना और तीखे मोड़ों पर बेपरवाही बड़े कारण बताए जाते हैं।
डोडा, किश्तवाड़ और राजौरी जैसे पहाड़ी जिलों में ओवरलोडिंग की समस्या विशेष रूप से गंभीर है, जहाँ क्षमता से अधिक भार वाले वाहन अपना संतुलन खोकर खाई में गिर जाते हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस ने दोनों हादसों की जाँच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक पहाड़ी मार्गों पर सड़क सुरक्षा उपायों और यातायात निगरानी को व्यापक रूप से मज़बूत नहीं किया जाता, उधमपुर जैसे जिलों में इस तरह के हादसे होते रहेंगे।