गांधीनगर नगर निगम चुनाव: दोपहर 1 बजे तक 31.90% मतदान, वार्ड-4 सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर नगर निगम (GMC) की 44 सीटों पर 11 अक्टूबर 2026 को हो रहे मतदान में दोपहर 1 बजे तक कुल 31.90 फीसदी मतदाताओं ने अपना वोट डाल दिया था। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, निगम के 11 वार्डों में पंजीकृत 2,59,985 मतदाताओं में से 82,945 ने मतदान किया। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।
वार्डवार मतदान का ब्यौरा
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वार्ड-4 में सर्वाधिक 42.20 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जहाँ 21,156 पंजीकृत मतदाताओं में से 8,927 ने वोट डाले। वार्ड-1 में 41.23 फीसदी और वार्ड-2 में 37.35 फीसदी मतदान रहा।
दूसरी ओर, वार्ड-5 में सबसे कम 26.09 फीसदी मतदान हुआ, जहाँ 13,040 पंजीकृत मतदाताओं में से केवल 3,402 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। वार्ड-8 में 26.91 फीसदी, वार्ड-10 में 26.26 फीसदी और वार्ड-11 में 30.45 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
लिंगवार मतदान भागीदारी
आंकड़ों के अनुसार, पुरुष मतदाताओं की भागीदारी महिलाओं की तुलना में अधिक रही। 1,32,570 पंजीकृत पुरुष मतदाताओं में से 47,027 ने मतदान किया, जिससे पुरुषों की मतदान दर 35.47 फीसदी रही। वहीं, 1,27,406 पंजीकृत महिला मतदाताओं में से 35,918 ने वोट डाले और महिला मतदान प्रतिशत 28.19 फीसदी रहा। मतदाता सूची में तीसरे लिंग की श्रेणी के 9 मतदाता भी पंजीकृत हैं।
मुख्य मुकाबला और पृष्ठभूमि
इस चुनाव में 130 उम्मीदवार मैदान में हैं और मुख्य त्रिकोणीय मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2021 में हुए पिछले चुनाव में BJP ने 44 में से 41 सीटें जीती थीं, कांग्रेस को 2 और AAP को 1 सीट मिली थी।
यह ऐसे समय में आया है जब GMC के साथ-साथ गुजरात की ओखा और थारा नगर पालिकाओं में भी मतदान हो रहा है, और राज्य के अन्य स्थानीय निकायों की रिक्त सीटों पर उपचुनाव भी कराए जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने 16 सितंबर 2026 को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी।
आगे क्या होगा
मतगणना 13 अक्टूबर को निर्धारित है। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी बूथ पर पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ती है तो वह सोमवार को कराया जाएगा। 2021 के नतीजों के मद्देनज़र BJP एक बार फिर प्रभावी स्थिति में मानी जा रही है, लेकिन AAP की उपस्थिति और कांग्रेस की सक्रियता इस बार की गणना को जटिल बना सकती है।