गुजरात निकाय चुनाव 2026: BJP ने गांधीनगर नगर निगम में 44 में से 38 सीटें जीतीं, AAP का सूपड़ा साफ
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के गांधीनगर नगर निगम (GMC) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 44 में से 38 सीटें जीतकर अपना प्रभुत्व बरकरार रखा, जबकि मतदान 11 अक्टूबर 2026 को हुआ था और परिणाम मंगलवार, 13 अक्टूबर को घोषित किए गए। कांग्रेस ने 5 सीटें हासिल कर अपना प्रदर्शन सुधारा, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) जो 2021 में एक सीट जीती थी, इस बार खाता भी नहीं खोल सकी।
मुख्य चुनाव परिणाम
गांधीनगर नगर निगम में BJP ने 38 सीटें जीतीं, जो 2021 की 41 सीटों से 3 कम हैं, फिर भी पार्टी ने स्पष्ट बहुमत बनाए रखा। कांग्रेस ने अपनी सीट संख्या 2 से बढ़ाकर 5 कर ली — वार्ड 6 की सभी चार सीटें और वार्ड 7 की एक सीट उसके खाते में गई। एक निर्दलीय उम्मीदवार ने वार्ड 2 की एक सीट जीती।
इसके अलावा थारा नगरपालिका में BJP ने 24 में से 19 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 5 सीटें मिलीं। ओखा नगरपालिका में BJP ने 36 में से 33 सीटें हासिल कीं, जिनमें 4 सीटें निर्विरोध जीती गईं और कांग्रेस को 3 सीटें मिलीं।
संघवी और विश्वकर्मा की प्रतिक्रिया
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि यह जनादेश BJP के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाता है और विकास, पारदर्शी प्रशासन तथा जनकल्याण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। उन्होंने कहा, "गांधीनगर नगर निगम और अन्य स्थानों पर हुए चुनावों में BJP को मिला जनादेश पार्टी पर जनता के भरोसे को दर्शाता है।'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि चुनाव नतीजों ने विकास के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को नई ऊर्जा दी है। उनके अनुसार, 'राजनीतिक अवसरवाद को नकारते हुए जनता ने विकास और सुशासन में अटूट विश्वास व्यक्त किया है।' संघवी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए जनसेवा जारी रखने की अपील की।
AAP का प्रदर्शन और विपक्ष की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब AAP गुजरात में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। 2021 में पार्टी ने गांधीनगर में 1 सीट जीतकर पदार्पण किया था, लेकिन इस बार शून्य पर सिमट जाना उसके लिए गंभीर झटका है। गौरतलब है कि 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों में भी AAP अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाई थी, जहाँ BJP ने प्रचंड बहुमत हासिल किया था।
दूसरी ओर, कांग्रेस का 5 सीटों पर जीत दर्ज करना मामूली सुधार की ओर संकेत करता है, हालांकि राज्य की सत्ता तक उसकी वापसी अभी दूर की कौड़ी दिखती है।
आम जनता और स्थानीय शासन पर असर
GMC में BJP के स्पष्ट बहुमत का अर्थ है कि गांधीनगर के नागरिक विकास परियोजनाओं, नगरीय बुनियादी ढाँचे और स्थानीय नीतियों के मामले में आने वाले कार्यकाल में भी मुख्यतः BJP के एजेंडे पर चलती प्रशासनिक व्यवस्था देखेंगे। थारा और ओखा जैसे कस्बों में भी पार्टी का वर्चस्व कायम रहने से स्थानीय विकास योजनाओं में निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ-ग्रहण और नगर निगम की पहली बैठक की तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है। BJP नेतृत्व आने वाले दिनों में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए रोडमैप प्रस्तुत कर सकता है।