गर्मी में तुरई का सेवन: पेट साफ रखने और शरीर को हाइड्रेट रखने का अद्भुत उपाय
सारांश
Key Takeaways
- तुरई का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
- यह शरीर को हाइड्रेट रखती है।
- तुरई में फाइबर और विटामिन होते हैं।
- गर्मी में यह ठंडक प्रदान करती है।
- कब्ज से राहत दिलाती है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गर्मियों का मौसम अब शुरू हो चुका है। इस दौरान बढ़ती गर्मी और पाचन समस्याओं का सामना करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ तुरई (रिज गॉर्ड) के सेवन की सलाह दे रहे हैं। यह एक उत्कृष्ट और प्राकृतिक विकल्प है। इसके नियमित सेवन से न केवल पाचन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी नहीं होती।
तुरई एक सस्ती और स्वास्थ्यवर्धक सब्जी है, जो गर्मियों में पूरे परिवार के लिए फायदेमंद है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, तुरई का नियमित सेवन कब्ज की समस्या को दूर रखता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है।
गर्मी के मौसम में तुरई की सब्जी खाना स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखती है। इसमें फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज, गैस तथा अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, तुरई या नेनूआ पित्त दोष को संतुलित रखने, सांस संबंधी रोगों, बुखार, खांसी और पेट के कीड़ों को दूर करने में भी सहायक है। गर्मियों में शरीर की गर्मी बढ़ने से पाचन कमजोर हो जाता है। ऐसे में तुरई की सब्जी हल्की और आसानी से पचने वाली होती है। यह शरीर को ठंडक प्रदान करती है और लू लगने से बचाव में मदद करती है।
तुरई में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ रखते हैं और गर्मी से होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे फुंसी, रैशेज और खुजली को कम करते हैं। तुरई की सब्जी बनाने के कई आसान तरीके हैं। इसे आलू, चना या चने की दाल के साथ बनाया जा सकता है। कुछ लोग इसे सादा राई संग तड़का देकर या दही के साथ खाना पसंद करते हैं। दिन-रात दोनों समय तुरई का सेवन किया जा सकता है।