गयाजी हत्याकांड: दारोगा पुत्र रानू सिंह मर्डर केस के दो आरोपी मुठभेड़ में घायल, पिस्तौल-कट्टा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गयाजी जिले में दारोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के बेटे रानू सिंह हत्याकांड में पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 की देर रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भिक्षा गांव में रात करीब दो बजे हुई मुठभेड़ में हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके पास से हथियार भी बरामद किए गए।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हत्याकांड के कुछ आरोपी गांव के आहर के पास एकत्रित हुए हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस दल मौके पर पहुँचा। पुलिस को देखकर आरोपियों ने प्रतिरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ में आरोपी श्याम बिहारी और गौरव उर्फ काला के पैर में गोली लगी। दोनों घायलों को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्तौल, एक कट्टा और कई गोलियाँ बरामद कीं।
मूल हत्याकांड: क्या था मामला
यह मामला 19 अक्टूबर 2026 की रात का है। मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नौरंगा आहार के पास स्थित सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में अज्ञात अपराधियों ने दरोगा सुधांशु शेखर के दोनों बेटों पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई थीं। मोतिहारी में दरोगा के पद पर तैनात सुधांशु शेखर के छोटे बेटे रानू सिंह की गोलीबारी में मौत हो गई थी, जबकि बड़े बेटे मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मोनू सिंह को बेहतर इलाज के लिए पटना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों के अनुसार, घटना से पूर्व किसी विवाद को लेकर दोनों भाइयों को फोन पर बुलाया गया था और उनके पहुँचते ही हमला किया गया। प्रारंभिक जाँच में पुराने विवाद और जुए से जुड़े झगड़े की आशंका सामने आई है, हालाँकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जाँच कर रही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
थानाध्यक्ष देवराज ने बताया कि आरोपी श्याम बिहारी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। हत्याकांड के बाद से ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चला रही थी। गौरतलब है कि यह मुठभेड़ उसी अभियान की कड़ी है।
आगे की कार्रवाई
दो प्रमुख आरोपियों के मुठभेड़ में घायल होने के बाद मामले की जाँच और तेज होने की उम्मीद है। पुलिस अभी भी अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में उपचाररत दोनों आरोपियों को स्वास्थ्य लाभ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।