सीतामढ़ी मुठभेड़: दिनेश यादव हत्याकांड के 3 आरोपी घायल, 3 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सीतामढ़ी जिले में 7 अक्टूबर 2026 की रात पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में दिनेश यादव हत्याकांड से जुड़े तीन आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। घटनास्थल की तलाशी में तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस ज़ब्त किए गए हैं।
कैसे मिली सूचना और कैसे हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, बुधवार की रात जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली कि दिनेश यादव हत्याकांड का मुख्य आरोपी सुनील कुशवाहा और उसके सहयोगी रीगा-परसौनी थाना क्षेत्र में देखे गए हैं। सूचना मिलते ही आसपास के सभी थाना क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर कर दिया गया।
संदिग्धों की घेराबंदी के लिए रीगा थानाध्यक्ष, डीआईयू की टीम और विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) — जो दिनेश यादव हत्याकांड की जाँच कर रही है — ने रीगा-परसौनी रोड पर सघन गश्त शुरू की।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
गश्त के दौरान रेवासी-भगवानपुर बॉर्डर के निकट पुलिस टीम ने एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन संदिग्धों को देखा। पुलिस वाहन देखते ही संदिग्धों ने भागने की कोशिश में अचानक मोटरसाइकिल मोड़ी, किंतु बाइक फिसलकर गिर गई।
पुलिस के बयान के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में तीनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की और संयमित तरीके से आरोपियों के पैरों को निशाना बनाकर फायरिंग की, जिसमें तीनों घायल हो गए।
घायल आरोपियों की पहचान और बरामदगी
घायल आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है — सुनील कुशवाहा (निवासी रामनगरा, थाना रीगा, सीतामढ़ी), मणि कुमार (थाना बेलसंड, सीतामढ़ी) और इंदल कुमार (थाना गाढ़ा, सीतामढ़ी)। तीनों फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
घटनास्थल से तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, एक पिठ्ठू बैग और उसमें रखे बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इलाके को सुरक्षित कर साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों का लूट, हत्या समेत कई गंभीर अपराधों में लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पुलिस संगठित अपराधिक गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
आगे की जाँच
पुलिस अब तीनों से उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क और संभावित भावी योजनाओं के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। एसआईटी दिनेश यादव हत्याकांड में अन्य संलिप्त लोगों की पहचान के लिए इस मुठभेड़ में मिले सुरागों का भी उपयोग करेगी। जाँच अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।