क्या बिहार में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कपूर झा गिरोह के तीन शूटर घायल हुए?

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क्या बिहार में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कपूर झा गिरोह के तीन शूटर घायल हुए?

सारांश

बिहार में पुलिस और एसटीएफ ने एक आपराधिक गिरोह के साथ मुठभेड़ की, जिसमें तीन शूटर घायल हुए। जानिए इस मुठभेड़ के पीछे की कहानी और विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल।

मुख्य बातें

पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई से गिरोह के तीन शूटर घायल हुए।
पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों से हथियार की बरामदगी की गई।
विपक्ष ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
इस घटना ने बिहार में सुरक्षा के मुद्दे को फिर से उजागर किया है।

सीतामढ़ी, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इस दौरान, एक आपराधिक गिरोह के साथ पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान गिरोह के तीन सदस्यों को गोली लगी है।

घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि सीतामढ़ी जिले में कुख्यात कपूर झा गैंग के तीन शूटरों, राहुल झा, दीपक ठाकुर और लोहा सिंह को एसटीएफ और पुलिस ने गिरफ्तार किया।

जब पुलिस ने इनसे पूछताछ की, तो इन्होंने स्वीकार किया कि घटना में जिस हथियार का उपयोग किया गया था, उसे उन्होंने बाजपट्टी थाना क्षेत्र के संडवारा स्थित डोरा पुल के पास छिपा रखा था। इसके बाद पुलिस की टीम आरोपियों को बताए गए स्थान पर हथियार बरामदगी के लिए ले गई। इस दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर तीनों बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों अपराधी गोली लगने से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर स्थानीय अस्पताल में भेज दिया। पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल से दो लोडेड अवैध पिस्टल भी बरामद की गई हैं। इस मामले में आगे की विधि सम्मत कार्रवाई जारी है।

हाल के दिनों में कई इलाकों में पुलिस मुठभेड़ में अपराधियों के घायल होने की घटनाएं हुई हैं। विपक्ष ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को लगातार घेरने का प्रयास किया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव आपराधिक घटनाओं की बुलेटिन जारी कर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं। सत्ता पक्ष हालांकि कानून व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बताता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखना एक चुनौती है। हाल के घटनाक्रम दर्शाते हैं कि पुलिस और विशेष कार्य बल अपने प्रयासों में लगातार सक्रिय हैं। यह महत्वपूर्ण है कि सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपूर झा गिरोह कौन है?
कपूर झा गिरोह एक कुख्यात आपराधिक गिरोह है जो बिहार में कई आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है।
पुलिस मुठभेड़ में क्या हुआ?
पुलिस और एसटीएफ ने एक मुठभेड़ में कपूर झा गिरोह के तीन शूटरों को घायल कर गिरफ्तार किया।
पुलिस ने किस प्रकार की कार्रवाई की?
पुलिस ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिससे तीनों अपराधी घायल हो गए।
क्या इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी?
हाँ, पुलिस मामले में आगे की विधि सम्मत कार्रवाई जारी रखेगी।
विपक्ष इस पर क्या कह रहा है?
विपक्ष ने बिहार में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास किया है।
राष्ट्र प्रेस
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