23 अक्टूबर 2026
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जर्मनी अग्निकांड: केरल के सिविन जॉनी और अंजलि शीला जॉय के शव स्वदेश लौटे, आज अंतिम संस्कार

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जर्मनी अग्निकांड: केरल के सिविन जॉनी और अंजलि शीला जॉय के शव स्वदेश लौटे, आज अंतिम संस्कार

सारांश

जर्मनी के बोचुम में एक रिहायशी इमारत में कथित आगजनी से तीन केरलीय युवाओं की जान गई। सिविन जॉनी और अंजलि शीला जॉय के शव स्वदेश लौट आए हैं, आज अंतिम संस्कार होगा। नोवा साबू का शव आज रात पहुँचेगा। जर्मन पुलिस ने एक रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है।

मुख्य बातें

सिविन जॉनी (26, एर्नाकुलम) और अंजलि शीला जॉय (25, कोल्लम) के शव शुक्रवार देर रात नेदुम्बसेरी हवाई अड्डे पहुँचे।
सिविन का अंतिम संस्कार मणिकमंगलम के सेंट रॉकी चर्च में दोपहर 2 बजे के बाद होगा; अंजलि का पार्थिव शरीर कोल्लम पहुँचाया गया।
इडुक्की की नोवा साबू का शव आज रात 8:15 बजे नेदुम्बसेरी हवाई अड्डे पहुँचने की उम्मीद है।
जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बोचुम इमारत में कथित तौर पर जानबूझकर आग लगाई गई थी; जर्मन पुलिस ने 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया।
जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास ने घटना पर दुख जताया और परिजनों से संपर्क में है।

जर्मनी के बोचुम शहर में एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग में जान गँवाने वाले केरल के दो युवाओं — सिविन जॉनी (26 वर्ष) और अंजलि शीला जॉय (25 वर्ष) — के पार्थिव शरीर शुक्रवार देर रात केरल के नेदुम्बसेरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचे। दोनों के शव परिजनों और प्रतिनिधियों को सौंपे जा चुके हैं और 23 अक्टूबर 2026 को अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी हो गई है।

अंतिम संस्कार की व्यवस्था

एर्नाकुलम जिले के रहने वाले सिविन जॉनी का पार्थिव शरीर आगे की औपचारिकताओं के लिए अलुवा स्थित सीईए अस्पताल ले जाया गया। दोपहर 2 बजे घर पर प्रार्थना सभा के बाद उनका अंतिम संस्कार मणिकमंगलम के सेंट रॉकी चर्च में किया जाएगा।

कोल्लम जिले की निवासी अंजलि शीला जॉय का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर ले जाया गया है, जहाँ परिजन अंतिम विदाई की तैयारी कर रहे हैं।

तीसरी पीड़ित नोवा साबू का शव आज रात पहुँचेगा

इडुक्की जिले की निवासी नोवा साबू, जिनकी मृत्यु भी इसी अग्निकांड में धुआँ अंदर जाने से हुई थी, का पार्थिव शरीर आज रात 8 बजकर 15 मिनट पर नेदुम्बसेरी हवाई अड्डे पर पहुँचने की उम्मीद है। नोवा, सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर केपी साबू और चेम्बाकापारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पब्लिक हेल्थ नर्स के रूप में कार्यरत पीएन ज्योति की बेटी थीं। वह 3 जुलाई को जर्मनी गई थीं और वहाँ पार्ट-टाइम जिम ट्रेनर के तौर पर कार्यरत थीं।

पीड़ितों का परिचय

सिविन जॉनी उच्च शिक्षा के लिए करीब दो सप्ताह पहले ही जर्मनी पहुँचे थे। उनके भाई साल्विन जर्मनी में रहते हैं, जबकि बहन सिमी आयरलैंड में हैं। अंजलि शीला जॉय जुलाई में रोज़गार के सिलसिले में जर्मनी गई थीं और वहाँ एक वेयरहाउस में कार्यरत थीं।

गौरतलब है कि तीनों युवा केरल के अलग-अलग जिलों से थे और बेहतर भविष्य की उम्मीद लिए जर्मनी पहुँचे थे। यह त्रासदी ऐसे समय में आई है जब बड़ी संख्या में केरलवासी उच्च शिक्षा और रोज़गार के लिए यूरोप का रुख कर रहे हैं।

अग्निकांड और जाँच की स्थिति

जर्मनी के नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया राज्य के बोचुम शहर में एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत में पिछले सप्ताह आग लगी थी, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई। जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि इमारत की निचली मंजिल पर कथित तौर पर जानबूझकर आग लगाई गई थी। इसके बाद आग इमारत की लकड़ी की सीढ़ियों तक फैल गई, जो बाहर निकलने का मुख्य मार्ग था, और गलियारों में धुआँ भर गया।

रिपोर्टों के अनुसार, जर्मन पुलिस ने हत्या के संदेह में उसी इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है। जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

परिवारों की पीड़ा और आगे की राह

तीन परिवार एक साथ असहनीय शोक में हैं। सिविन जर्मनी पहुँचे मात्र दो सप्ताह हुए थे, अंजलि ने कुछ ही महीने पहले नई शुरुआत की थी और नोवा अपने सपनों को आकार दे रही थीं। यह त्रासदी प्रवासी भारतीयों की आवासीय सुरक्षा और विदेशी धरती पर उनके संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। जाँच जारी है और भारतीय दूतावास परिजनों के संपर्क में बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर युवा छात्र और श्रमिक, आवासीय सुरक्षा के मामले में किस हद तक कमज़ोर हैं। बोचुम की इमारत में लकड़ी की सीढ़ियाँ ही एकमात्र निकास थीं — यह यूरोप की पुरानी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की बड़ी खामी उजागर करता है। भारतीय दूतावास ने दुख तो जताया, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या प्रवासियों को आवासीय जोखिमों के प्रति पहले से सचेत और संरक्षित करने की कोई ठोस व्यवस्था है। केरल से हर साल हज़ारों युवा यूरोप जाते हैं — इस घटना को महज़ हादसा मानकर भूलना उन्हें भविष्य में असुरक्षित छोड़ना होगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जर्मनी के बोचुम अग्निकांड में केरल के कितने लोगों की मृत्यु हुई?
बोचुम की रिहायशी इमारत में लगी आग में तीन केरलीय नागरिकों की मृत्यु हुई — सिविन जॉनी (एर्नाकुलम), अंजलि शीला जॉय (कोल्लम) और नोवा साबू (इडुक्की)। तीनों की मौत धुआँ अंदर जाने से हुई।
सिविन जॉनी और अंजलि शीला जॉय का अंतिम संस्कार कब और कहाँ होगा?
सिविन जॉनी का अंतिम संस्कार 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे प्रार्थना सभा के बाद मणिकमंगलम के सेंट रॉकी चर्च में होगा। अंजलि शीला जॉय का पार्थिव शरीर उनके गृहनगर कोल्लम ले जाया गया है।
नोवा साबू का शव भारत कब पहुँचेगा?
नोवा साबू का पार्थिव शरीर 23 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजकर 15 मिनट पर नेदुम्बसेरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुँचने की उम्मीद है। वह इडुक्की जिले की निवासी थीं और जर्मनी में पार्ट-टाइम जिम ट्रेनर के तौर पर काम कर रही थीं।
बोचुम अग्निकांड में आग कैसे लगी और किसे गिरफ्तार किया गया?
जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि इमारत की निचली मंजिल पर कथित तौर पर जानबूझकर आग लगाई गई थी। जर्मन पुलिस ने हत्या के संदेह में उसी इमारत में रहने वाले 41 वर्षीय रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया है।
भारतीय दूतावास ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
जर्मनी स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा है कि तीनों भारतीय नागरिक जर्मनी में पढ़ाई या काम के सिलसिले में वहाँ थे। दूतावास परिजनों के संपर्क में बना हुआ है और आगे की सहायता प्रदान कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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