केरल मिनी कूपर हादसा: नाबालिग ड्राइवर को शराब परोसने पर तीन बार-होटलों पर मामला दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
केरल के आबकारी मंत्री एम. लिजू ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को राज्य विधानसभा को बताया कि नेडुम्बसेरी के पास हुई घातक मिनी कूपर दुर्घटना में तीन युवाओं की मौत के बाद, कानूनी रूप से निर्धारित 23 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को शराब परोसने के आरोप में तीन बार-होटलों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। आबकारी विभाग ने कडावंथरा, पलारीवट्टोम और नेडुम्बसेरी के इन प्रतिष्ठानों पर 19 वर्षीय सुहैल सजीव को शराब परोसने का आरोप लगाया है।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना रविवार तड़के करीब 2 बजे कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट हुई। तेज रफ्तार मिनी कूपर ने इयास, गोपिका और देविका को ले जा रहे एक स्कूटर को पीछे से टक्कर मारी, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस एफआईआर के अनुसार, कार बेहद तेज गति से लापरवाही और बेपरवाही से चलाई जा रही थी, जिससे लोगों की जानें खतरे में पड़ीं।
मृत युवा अपनी पढ़ाई के साथ-साथ थ्रिक्काकारा की एक क्राफ्ट शॉप में पार्ट-टाइम काम कर रहे थे। पुलिस ने सुहैल सजीव के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है और कार में सवार तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।
आबकारी विभाग की कार्रवाई
आबकारी मंत्री एम. लिजू ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे और तय उम्र से कम उम्र के व्यक्तियों को शराब परोसने वाले बार-होटलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि केरल में शराब परोसने की कानूनी न्यूनतम आयु 23 वर्ष है। इस मामले ने लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी पर व्यापक बहस छेड़ दी है — विशेष रूप से ग्राहकों की उम्र की जाँच किए बिना शराब परोसने की प्रथा पर।
परिवार के आरोप और जाँच पर सवाल
आबकारी विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब गोपिका के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके पिता ने दावा किया कि शुरुआती एफआईआर में इस बात का कोई उल्लेख नहीं था कि सुहैल नशे में था, और आरोपी को बोर्स्टल स्कूल भेजे जाने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद आरोपी ने कथित तौर पर कहा था कि उसके पिता मामले को संभाल लेंगे। इसके साथ ही, परिवार ने गोपिका की छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट फैलाए जाने का भी आरोप लगाया है और उच्च-स्तरीय जाँच की माँग की है।
व्यापक सामाजिक असर
यह हादसा केरल में नाबालिगों को शराब परोसने की समस्या को फिर से केंद्र में ले आया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सड़क सुरक्षा और शराब विनियमन को लेकर पहले से ही बहस चल रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों में आयु सत्यापन की प्रक्रिया अभी भी अत्यंत कमजोर है।
आगे क्या होगा
आबकारी मंत्री के अनुसार, विभाग जल्द ही नए दिशानिर्देश जारी करेगा जो बार-होटलों को उम्र सत्यापन के लिए बाध्य करेंगे। इस बीच, पुलिस जाँच जारी है और परिवार की उच्च-स्तरीय जाँच की माँग पर अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। तीनों मृत युवाओं के परिजन न्याय की माँग लेकर आगे बढ़ रहे हैं।