केरल: नीलेश्वरम बस स्टॉप पर बेकाबू टिपर ट्रक का कहर, स्कूली छात्र समेत 3 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
केरल के कोट्टारक्करा के निकट नीलेश्वरम में मंगलवार, 23 जून की सुबह करीब 7 बजे एक मिट्टी से लदा टिपर ट्रक भीड़भाड़ वाले बस स्टॉप पर चढ़ गया, जिसमें कार्मेल स्कूल के एक छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, ट्रक चालक के पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था, जिससे सड़क सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे का घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिट्टी से लदा टिपर ट्रक ढलान से तेज गति से नीचे उतरते समय चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक ने पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर सीधे बस स्टॉप में घुस गया, जहाँ उस समय करीब 15 लोग बस का इंतजार कर रहे थे। बस स्टॉप की संरचना को तोड़ते हुए ट्रक पलट गया और वहाँ मौजूद लोग ट्रक, मलबे तथा उसमें लदी मिट्टी के नीचे दब गए।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि उस सुबह बस सामान्य से अधिक देर से आ रही थी, जिसके कारण बस स्टॉप पर भीड़ अपेक्षाकृत अधिक थी — और इसी वजह से नुकसान और बड़ा हो गया।
मृतकों और घायलों की पहचान
मृतकों की पहचान कुडावत्तूर निवासी हरिलाल (54), कार्मेल स्कूल में कक्षा 10 के छात्र पार्थिप (15) और नीलेश्वरम मुक्कोनिमुक्कु निवासी अजय कुमार (45) के रूप में की गई है। तीनों की मौत अस्पताल ले जाने से पहले या इलाज के दौरान हुई।
घायलों में छात्र कुशल (15), ऋषभ बोबन (15), नवनीत (13), जिबी मोल (15) और टिपर चालक निजाम शामिल हैं। कोल्लम मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती दो छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनमें से एक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अन्य घायलों का उपचार कोट्टारक्करा तालुक अस्पताल और वेंजारामूडू स्थित गोकुलम मेडिकल कॉलेज में जारी है।
बचाव अभियान
हादसे के तुरंत बाद 8 लोग ट्रक और मलबे के नीचे दब गए थे। स्थानीय निवासियों, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने अर्थमूवर मशीनों की सहायता से बचाव अभियान चलाया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला।
लाइसेंस विवाद और जाँच
जाँच में यह उजागर हुआ कि टिपर ट्रक चालक निजाम के पास भारी वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे लापरवाही, अत्यधिक गति या कोई अन्य तकनीकी कारण जिम्मेदार था। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से मामले की जाँच कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बिना उचित लाइसेंस के भारी वाहन चलाने की घटनाएँ केरल में पहले भी सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन चुकी हैं। यह हादसा सड़क परिवहन नियमों के प्रवर्तन पर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।
सरकार और विधानसभा की प्रतिक्रिया
हादसे की गंभीरता को देखते हुए केरल सरकार ने राहत और समन्वय कार्यों के लिए मंत्रियों को मौके पर भेजा। यह मामला मंगलवार को केरल विधानसभा में भी उठा, जहाँ स्थानीय विधायक ने इस त्रासदी को सदन के समक्ष रखा और जवाबदेही की माँग की। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच रिपोर्ट और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।