यूपी: गाजियाबाद में ₹10,000 इनामी लुटेरा और बलिया में गो-तस्कर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और बलिया में 17 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में एक इनामी लुटेरे और एक शातिर गो-तस्कर को गिरफ्तार किया। दोनों अपराधी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गाजियाबाद मुठभेड़: किल्हौडा बॉर्डर पर धरा इनामी बदमाश
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और थाना भोजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात किल्हौडा बॉर्डर क्षेत्र में मुखबिर की सूचना के आधार पर सघन वाहन चेकिंग की। इसी दौरान हापुड़ की दिशा से एक बाइक सवार तेज रफ्तार से आता दिखा। पुलिस के रोकने का इशारा मिलते ही उसने बाइक मोड़ी और भागने की कोशिश की, लेकिन फिसलकर गिर गया।
घिरता देख बदमाश ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी। एसीपी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी। घायल बदमाश की पहचान राज उर्फ राजेन्द्र पाण्डे (22 वर्ष), निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि उसने 28 जुलाई को थाना भोजपुर क्षेत्र में एक मार्ट में लूट की थी और वह उस मामले में वांछित था। उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित था।
एसीपी ने बताया कि बदमाश के पास से लूटा गया मोबाइल, एक 315 बोर तमंचा, कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। राज के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके सम्पूर्ण आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
बलिया मुठभेड़: नहर पुलिया के पास पकड़ा गया गो-तस्कर
बलिया में सीओ सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना गड़वार में दर्ज गोहत्या के एक वांछित आरोपी को शाहपुर नट बस्ती नहर पुलिया के पास दबोचा। घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में गो-तस्कर सगुनी नट के बाएं पैर में गोली लगी।
घायल को सीएचसी रतसड़ में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर आवारा गोवंशीय पशुओं को वाहन में लादकर वध के लिए बिहार ले जाता था। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
दोनों घटनाएँ उत्तर प्रदेश पुलिस की उस रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत वांछित अपराधियों और तस्करों के खिलाफ मुखबिरों की सूचना पर सघन अभियान चलाया जाता है। गौरतलब है कि राज्य में गो-तस्करी और सशस्त्र लुटेरों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयाँ नियमित रूप से की जाती हैं।
आगे की कार्रवाई
दोनों मामलों में पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है। गाजियाबाद में राज के सहयोगियों और नेटवर्क की तलाश जारी है, जबकि बलिया में सगुनी नट के साथियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।