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यूपी: गाजियाबाद में ₹10,000 इनामी लुटेरा और बलिया में गो-तस्कर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

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यूपी: गाजियाबाद में ₹10,000 इनामी लुटेरा और बलिया में गो-तस्कर मुठभेड़ में घायल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सारांश

यूपी पुलिस ने एक ही रात दो मोर्चों पर कार्रवाई की — गाजियाबाद में ₹10,000 इनामी लुटेरे और बलिया में बिहार को पशु तस्करी करने वाले गो-तस्कर को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच और थाना भोजपुर पुलिस ने राज उर्फ राजेन्द्र पाण्डे (22 वर्ष) को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार किया।
राज पर ₹10,000 का इनाम था और वह 28 जुलाई को मार्ट में लूट का वांछित आरोपी था।
बरामदगी में लूटा मोबाइल, 315 बोर तमंचा , कारतूस और चोरी की मोटरसाइकिल शामिल।
बलिया में गो-तस्कर सगुनी नट को मुठभेड़ में बाएं पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया।
सगुनी नट पर आरोप है कि वह गोवंशीय पशुओं को वाहन में लादकर वध के लिए बिहार तस्करी करता था।
दोनों घायलों को उनके-उनके स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, पुलिस अग्रिम कार्रवाई जारी है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और बलिया में 17 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में एक इनामी लुटेरे और एक शातिर गो-तस्कर को गिरफ्तार किया। दोनों अपराधी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गाजियाबाद मुठभेड़: किल्हौडा बॉर्डर पर धरा इनामी बदमाश

गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और थाना भोजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात किल्हौडा बॉर्डर क्षेत्र में मुखबिर की सूचना के आधार पर सघन वाहन चेकिंग की। इसी दौरान हापुड़ की दिशा से एक बाइक सवार तेज रफ्तार से आता दिखा। पुलिस के रोकने का इशारा मिलते ही उसने बाइक मोड़ी और भागने की कोशिश की, लेकिन फिसलकर गिर गया।

घिरता देख बदमाश ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी। एसीपी सिद्धार्थ गौतम के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली बदमाश के पैर में लगी। घायल बदमाश की पहचान राज उर्फ राजेन्द्र पाण्डे (22 वर्ष), निवासी दिल्ली के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि उसने 28 जुलाई को थाना भोजपुर क्षेत्र में एक मार्ट में लूट की थी और वह उस मामले में वांछित था। उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित था।

एसीपी ने बताया कि बदमाश के पास से लूटा गया मोबाइल, एक 315 बोर तमंचा, कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई है। राज के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके सम्पूर्ण आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।

बलिया मुठभेड़: नहर पुलिया के पास पकड़ा गया गो-तस्कर

बलिया में सीओ सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना गड़वार में दर्ज गोहत्या के एक वांछित आरोपी को शाहपुर नट बस्ती नहर पुलिया के पास दबोचा। घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में गो-तस्कर सगुनी नट के बाएं पैर में गोली लगी।

घायल को सीएचसी रतसड़ में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया, जहाँ उसका इलाज जारी है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर आवारा गोवंशीय पशुओं को वाहन में लादकर वध के लिए बिहार ले जाता था। उसके पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

दोनों घटनाएँ उत्तर प्रदेश पुलिस की उस रणनीति का हिस्सा हैं जिसके तहत वांछित अपराधियों और तस्करों के खिलाफ मुखबिरों की सूचना पर सघन अभियान चलाया जाता है। गौरतलब है कि राज्य में गो-तस्करी और सशस्त्र लुटेरों के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयाँ नियमित रूप से की जाती हैं।

आगे की कार्रवाई

दोनों मामलों में पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है। गाजियाबाद में राज के सहयोगियों और नेटवर्क की तलाश जारी है, जबकि बलिया में सगुनी नट के साथियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी रेखांकित करती है कि इनामी अपराधी और संगठित तस्करी नेटवर्क राज्य में सक्रिय बने हुए हैं। गो-तस्करी का बिहार कनेक्शन बताता है कि यह केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि अंतर-राज्यीय आपराधिक नेटवर्क है — जिसकी जड़ें काटने के लिए साथी राज्यों के साथ समन्वित कार्रवाई जरूरी है। मुठभेड़ों में बार-बार पैर में गोली लगने की एकरूपता न्यायिक समीक्षा की दृष्टि से एक ऐसा पहलू है जिस पर स्वतंत्र निगरानी की माँग लंबे समय से उठती रही है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में किसे और क्यों गिरफ्तार किया गया?
गाजियाबाद में ₹10,000 इनामी लुटेरे राज उर्फ राजेन्द्र पाण्डे को गिरफ्तार किया गया। वह 28 जुलाई को थाना भोजपुर क्षेत्र में एक मार्ट में लूट का वांछित आरोपी था और उसके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं।
बलिया में गो-तस्कर सगुनी नट पर क्या आरोप है?
सगुनी नट पर थाना गड़वार में गोहत्या का मुकदमा दर्ज था। पूछताछ में पता चला कि वह साथियों के साथ आवारा गोवंशीय पशुओं को वाहन में लादकर वध के लिए बिहार तस्करी करता था।
दोनों मुठभेड़ों में क्या बरामद हुआ?
गाजियाबाद में राज के पास से लूटा गया मोबाइल, 315 बोर तमंचा, कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई। बलिया में सगुनी नट के पास से एक तमंचा और कारतूस मिले।
दोनों अपराधियों का अभी क्या हाल है?
दोनों पुलिस की गोली से घायल हुए हैं। राज को गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि सगुनी नट का इलाज सीएचसी रतसड़ में चल रहा है। दोनों मामलों में पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
इन मुठभेड़ों की अगुवाई किसने की?
गाजियाबाद मुठभेड़ का नेतृत्व एसीपी सिद्धार्थ गौतम की देखरेख में क्राइम ब्रांच और थाना भोजपुर की संयुक्त टीम ने किया। बलिया मुठभेड़ में सीओ सतीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई की।
राष्ट्र प्रेस
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