क्या गाजियाबाद में एसआईआर प्रक्रिया 44 प्रतिशत पूरी हुई?
सारांश
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गाजियाबाद, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गाजियाबाद में एसआईआर की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर रवींद्र कुमार मांदड़ ने जानकारी दी कि जिले में एसआईआर प्रक्रिया का 44 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने विशेष रूप से उन मतदाताओं से अनुरोध किया है जो जल्दी निकलते हैं या कामकाज की वजह से फॉर्म जमा नहीं कर पा रहे हैं कि वे अपना फॉर्म जल्द से जल्द नजदीकी बीएलओ के पास जमा कर दें। इसके साथ ही, जिन बीएलओ ने अपने क्षेत्र में कार्य पूरा किया है, उन्हें 5000 रुपए का पुरस्कार भी दिया गया है।
रवींद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि सुबह 10 बजे तक लगभग 44 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका था। एनसीआर क्षेत्र में लोग सामान्यतः सुबह 8 बजे निकल जाते हैं और देर रात वापस आते हैं। इस कारण कई लोगों के पास समय नहीं होता, इसलिए एसआईआर का कार्य रविवार को भी जारी रहेगा और सभी बीएलओ अपने बूथ पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि 30 नवंबर को अंतिम रविवार है। सभी बीएलओ अपने बूथ पर रहेंगे और सभी मतदाता अपने फॉर्म जमा करवा सकते हैं। इसके बाद तीन दिन फॉर्म्स को डिजिटाइज्ड करने का कार्य किया जाएगा, ताकि 100 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा सके।
उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में कई स्थानों पर औद्योगिक श्रमिक रहते हैं और कई लोग अपना पता बदल लेते हैं। इस वजह से लगभग 40 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं जो अपने दिए गए पते पर नहीं रहते हैं। ऐसे लोगों को एब्सेंट श्रेणी में रखा जाएगा। जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उन्हें डेथ श्रेणी में रखा जाएगा। जो लोग शिफ्ट हो गए हैं, वे शिफ्ट श्रेणी में आएंगे। जिनके नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार हैं, उन्हें डुप्लीकेट श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं, जो लोग फॉर्म ले चुके हैं लेकिन जमा नहीं कर रहे हैं, वे रिफ्यूजल श्रेणी में चले जाएंगे।
रवींद्र कुमार मांदड़ ने जोर देकर कहा कि हर मतदाता अपने फॉर्म रविवार को अवश्य जमा कर दें। आज भी बीएलओ डोर-टू-डोर जाकर फॉर्म जमा करवा रहे हैं, ताकि चार दिसंबर से पहले यह अभियान पूरा हो जाए।
उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग 20 बीएलओ ऐसे हैं, जिन्होंने अपना कार्य 100 प्रतिशत पूरा कर लिया है। उन्हें शनिवार को बुलाकर 5000 रुपए का पुरस्कार भी दिया गया। बाकियों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखें और फॉर्म्स जमा कराएं। इस अभियान से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर मतदाता का नाम सही तरीके से अपडेट हो।