क्या गाजीपुर पुलिस ने मुठभेड़ में फरार आरोपी लाल बाबू मौर्य को गिरफ्तार किया?
सारांश
Key Takeaways
- गाजीपुर पुलिस ने मुठभेड़ में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया।
- लाल बाबू मौर्य पर चोरी और छिनैती के आरोप थे।
- मुठभेड़ में घायल होने के बाद उसे इलाज के लिए भेजा गया।
- पुलिस की कार्रवाई ने कानून व्यवस्था को मजबूत किया।
- इस घटना ने पुलिस की सक्रियता को दर्शाया।
गाजीपुर, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए चोरी और छिनैती के आरोपी लाल बाबू मौर्य को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से फरार था और पुलिस लगातार उसकी खोज में थी। मुठभेड़ के दौरान लाल बाबू मौर्य के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके फलस्वरूप उसे घायल अवस्था में पकड़ लिया गया।
यह मामला मरदह थाना क्षेत्र से संबंधित है। कुछ समय पहले मरदह पुलिस ने लाल बाबू मौर्य और उसके एक साथी को मोटरसाइकिल चोरी और छिनैती के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया था, लेकिन लाल बाबू मौर्य ने पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी।
आरोपी के फरार होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस विभाग ने दो कांस्टेबल और एक उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद लाल बाबू मौर्य की खोज के लिए विशेष टीमें बनाई गईं और लगातार दबिश दी जाने लगी। पुलिस को संदेह था कि आरोपी आस-पास के इलाकों में छिपा हुआ है।
इसी बीच मरदह पुलिस को सूचना मिली कि महाहर धाम रोड की ओर एक संदिग्ध अपराधी घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। पुलिस को देखते ही लाल बाबू मौर्य ने फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान गोली लाल बाबू मौर्य के दोनों पैरों में लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। घायल लाल बाबू मौर्य को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।