क्या टीएमसी सरकार घुसपैठियों को वोट बैंक मानती है?: शहजाद पूनावाला
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी सरकार घुसपैठियों को वोट बैंक मानती है।
- इंडी अलायंस दुष्कर्म पर शर्मनाक बयानों के लिए जाना जाता है।
- Karnataka में कांग्रेस अपनी सत्ता को प्राथमिकता देती है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि घुसपैठियों को टीएमसी सरकार एक वोट बैंक के रूप में देखती है।
नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि इंडी अलायंस की असली पहचान अवैध प्रवासियों को संरक्षण देकर उन्हें अपना बताकर वोट बैंक बनाना है। जब अवैध प्रवासियों को ढूंढने, हटाने या देश से बाहर भेजने की बात आती है, तो यह गठबंधन उनका बचाव करने के लिए आगे आता है। यह वही गठबंधन है जो कहता है कि वे अवैध प्रवासियों को सुरक्षा देंगे। आज ये बातें मां, माटी, मानुष की नहीं हैं, बल्कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए इसका मतलब है भ्रष्ट नेताओं को बचाना।
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि हाल ही में हमने देखा कि मध्य प्रदेश के एक कांग्रेस विधायक ने दुष्कर्म के मुद्दे पर बेहद शर्मनाक बयान दिया। इसी तरह, समाजवादी पार्टी 'लड़के तो लड़के होते हैं' कहकर दुष्कर्म करने वालों का बचाव करती है। अब इंटरनेट के कारण ऐसा होने की बात कहकर दुष्कर्म को सही ठहराने की कोशिश कर रही है। रेप को लेकर पूरे इंडी अलायंस की यही पहचान है। इंडी अलायंस मूलतः महिला विरोधी है।
कांग्रेस की कर्नाटक सरकार पर तंज कसते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी के लिए एक बार फिर परिवार और सत्ता ही सब कुछ है। उनका हाई कमान राज्य के हितों, लोगों के लिए निवेश और राज्य के विकास से ऊपर है। जहां कर्नाटक में हजारों करोड़ रुपए का निवेश आ सकता था, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार अपने ही पावर गेम में व्यस्त हैं।
बीएमसी चुनाव में भाजपा की जीत के बाद विपक्ष के आरोपों पर भाजपा नेता ने कहा कि वोट चोरी, ईवीएम में छेड़छाड़, स्याही की चोरी या नाम में हेरफेर का आरोप लगाकर कुछ नेता केवल अपनी नाकामी और संगठनात्मक कमजोरियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। कभी ठाकरे परिवार, तो कभी गांधी-वाड्रा परिवार। इस बात का साफ मतलब है कि ये हार से बचने के लिए सिर्फ बहाने हैं। यह हैरानी की बात है कि मुंबई, जहां कांग्रेस पार्टी की शुरुआत हुई थी, वहां बीएमसी चुनाव में वह चौथे या पांचवे स्थान पर आ गई है। उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पार्टी नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं।