5 नवंबर 2026
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गिरिडीह के यूको बैंक में दिनदहाड़े डकैती: ₹4 करोड़ का सोना और ₹10 लाख नकद लूटे, थाने से 100 मीटर दूर हुई वारदात

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गिरिडीह के यूको बैंक में दिनदहाड़े डकैती: ₹4 करोड़ का सोना और ₹10 लाख नकद लूटे, थाने से 100 मीटर दूर हुई वारदात

सारांश

थाने से महज 100 मीटर दूर, 20 मिनट में ₹4 करोड़ का सोना और ₹10 लाख नकद — झारखंड के गिरिडीह में यूको बैंक की यह दिनदहाड़े डकैती सुनियोजित और बेखौफ अपराध की तस्वीर पेश करती है। डीवीआर बॉक्स चुराकर सबूत मिटाने की कोशिश बताती है कि बदमाश पेशेवर थे।

मुख्य बातें

गिरिडीह के राजधनवार स्थित यूको बैंक में 5 नवंबर 2026 को दोपहर 1:40 बजे पाँच हथियारबंद अपराधियों ने डकैती की।
अपराधियों ने ₹3 से ₹4 करोड़ मूल्य का सोना और ₹8 से ₹10 लाख नकद लूटे; वास्तविक मात्रा की जाँच जारी है।
पूरी वारदात महज 20 मिनट में अंजाम दी गई; यह थाने से सिर्फ 100 मीटर दूर हुई।
बैंककर्मियों और ग्राहकों के हाथ-मुँह बाँधकर बंधक बनाया गया; बंदूक की नोक पर वॉल्ट खुलवाया।
अपराधी सीसीटीवी का डीवीआर बॉक्स भी तोड़कर ले गए, डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश।
पुलिस छापेमारी जारी; बैंककर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ चल रही है।

झारखंड के गिरिडीह जिले के राजधनवार में 5 नवंबर 2026 को दोपहर पाँच हथियारबंद अपराधियों ने यूको बैंक शाखा में दिनदहाड़े डकैती डाली और तीन से चार करोड़ रुपये मूल्य का सोना तथा आठ से दस लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। यह वारदात स्थानीय राजधनवार थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिसने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वारदात का पूरा घटनाक्रम

बैंक के शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गौर के अनुसार, गुरुवार दोपहर 1:40 बजे पाँच अपराधी बैंक परिसर में दाखिल हुए। इनमें से एक हेलमेट पहने बाहर मुख्य दरवाजे पर निगरानी करता रहा, जबकि चार नकाबपोश और हथियारबंद अपराधी भीतर घुस गए। अपराधियों ने शाखा प्रबंधक, कर्मचारियों और उस समय बैंक में मौजूद ग्राहकों पर तत्काल बंदूकें तान दीं।

अपराधियों ने सभी को वॉल्ट के बाहर बैठाकर उनके हाथ पीछे की ओर बाँध दिए और मुँह पर टेप चिपकाकर बंधक बना लिया। बंदूक की नोक पर शाखा प्रबंधक से वॉल्ट की चाबी लेकर उन्हीं से वॉल्ट खुलवाया गया। इस दौरान दो और ग्राहक बैंक में आए, जिन्हें भी अपराधियों ने अपने कब्जे में लेकर हाथ-मुँह बाँध दिए।

लूट का विवरण और डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश

शाखा प्रबंधक के बयान के अनुसार, अपराधियों ने वॉल्ट में रखे सोने और नकदी पर हाथ साफ किया। लूटे गए सोने की प्रारंभिक अनुमानित कीमत ₹3 से ₹4 करोड़ और नकदी ₹8 से ₹10 लाख बताई जा रही है, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार वास्तविक मात्रा की जाँच अभी जारी है। पूरी वारदात महज करीब 20 मिनट में अंजाम दी गई।

डिजिटल साक्ष्य मिटाने के इरादे से अपराधी बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर बॉक्स भी तोड़कर अपने साथ ले गए। यह इस बात का संकेत है कि वारदात सुनियोजित तरीके से की गई थी।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

बैंक प्रबंधन की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी बैंककर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रहे हैं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में संगठित अपराध पर काबू पाने के लिए कड़े उपायों की माँग उठती रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गौरतलब है कि यह वारदात एक सक्रिय पुलिस थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर दिन के उजाले में हुई। आलोचकों का कहना है कि इतनी निकटता के बावजूद बदमाश बेखौफ होकर बैंक लूटने में सफल रहे, जो स्थानीय सुरक्षा तंत्र की गंभीर खामी को उजागर करता है। इलाके में हड़कंप की स्थिति है और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारी सीसीटीवी फुटेज के वैकल्पिक स्रोतों — जैसे आसपास की दुकानों और प्रतिष्ठानों के कैमरों — की तलाश कर रहे हैं। लूटे गए सोने और नकदी की सटीक मात्रा का आकलन बैंक की आंतरिक जाँच के बाद स्पष्ट होगा। मामले में त्वरित कार्रवाई की माँग को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राज्य में पुलिसिंग की ज़मीनी हकीकत का आईना है। डीवीआर बॉक्स चुराना दर्शाता है कि अपराधी न केवल सशस्त्र थे, बल्कि तकनीकी रूप से सावधान भी — जो संगठित और पूर्व-नियोजित गिरोह की ओर इशारा करता है। झारखंड में बैंक डकैतियों के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए, इस घटना को अलग-थलग नहीं बल्कि एक व्यापक कानून-व्यवस्था की विफलता की कड़ी के रूप में देखना ज़रूरी है। असली सवाल यह है कि जब थाना इतना नज़दीक था, तो त्वरित हस्तक्षेप क्यों नहीं हुआ — और इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिडीह यूको बैंक डकैती में कितना माल लूटा गया?
शाखा प्रबंधक के बयान के अनुसार, अपराधियों ने ₹3 से ₹4 करोड़ मूल्य का सोना और ₹8 से ₹10 लाख नकद लूटे। लूटे गए माल की वास्तविक मात्रा का आकलन अभी भी जाँच एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है।
राजधनवार यूको बैंक लूट कब और कैसे हुई?
यह वारदात 5 नवंबर 2026 को दोपहर 1:40 बजे हुई, जब पाँच हथियारबंद अपराधी बैंक में घुसे। उन्होंने कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बनाया, वॉल्ट खुलवाया और करीब 20 मिनट में सोना व नकदी लूटकर फरार हो गए।
क्या अपराधियों को पकड़ा गया है?
अब तक सभी पाँचों अपराधी फरार हैं। पुलिस बैंककर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
अपराधियों ने डीवीआर बॉक्स क्यों तोड़ा?
अपराधियों ने बैंक के सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर बॉक्स तोड़कर अपने साथ ले जाकर डिजिटल साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। यह इस बात का संकेत है कि वारदात सुनियोजित और पूर्व-नियोजित थी।
थाना इतना नज़दीक होने के बावजूद डकैती कैसे हुई?
यह वारदात राजधनवार थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जो स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस अभी इस पहलू की भी जाँच कर रही है और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है।
राष्ट्र प्रेस
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