गुजरात स्थापना दिवस: राज्यपाल देवव्रत और CM भूपेंद्र पटेल 1 मई को सूरत में 'गुजरात गौरव दिवस' समारोह में होंगे शामिल
सारांश
Key Takeaways
राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी 1 मई 2026 को सूरत में आयोजित राज्य स्तरीय 'गुजरात गौरव दिवस' समारोह में शामिल होंगे, जो गुजरात के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मनाया जाएगा। शाम 5 बजे पुलिस परेड से शुरू होकर रात 8 बजे डुमास सीफेस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम तक चलने वाले इस उत्सव में 250 से अधिक कलाकार भाग लेंगे।
मुख्य कार्यक्रम और परेड
समारोह की शुरुआत वीआर मॉल के पास वाई-जंक्शन से लालभाई कॉन्ट्रैक्टर स्टेडियम तक पुलिस परेड के साथ होगी। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के आगमन पर बिगुल की थाप, पाइप बैंड की प्रस्तुति और घुड़सवार दस्ते के जुलूस से स्वागत किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रगान और परेड कमांडर द्वारा औपचारिक रिपोर्टिंग होगी।
परेड में मार्च पास्ट के साथ-साथ महिला प्रतिभागियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और रोमांचक मोटरसाइकिल स्टंट प्रदर्शन भी शामिल होंगे। परेड मार्ग पर दर्शकों के लिए सुगम्य दर्शन की व्यवस्था की गई है और बड़ी संख्या में नागरिकों के उपस्थित होने की उम्मीद है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और थीम
कार्यक्रम का विषय 'प्राउड गुजरात: हेरिटेज से डेवलपमेंट' रखा गया है और यह लगभग 50 मिनट तक चलेगा। 250 से अधिक कलाकार लाइट और म्यूजिक की विशेष व्यवस्था के साथ सूरत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से लेकर वर्तमान विकास तक की यात्रा का नाटकीय चित्रण प्रस्तुत करेंगे। रात 8 बजे डुमास सीफेस पर एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।
पुरस्कार वितरण और पुस्तक विमोचन
समारोह के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री गुजरात गरिमा पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं तथा जिले के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित करेंगे। साथ ही सूरत जिले के विकास को दर्शाने वाली दो पुस्तकें — 'विकास वाटिका' और एक कॉफी टेबल बुक — भी जारी की जाएंगी।
प्रशासनिक तैयारियाँ
कलेक्टर डॉ. सौरभ परधी और नगर आयुक्त डॉ. एम. नागराजन कार्यक्रम स्थल पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करेंगे। राज्य स्तरीय समारोह की तैयारियों के तहत सूरत भर में सरकारी और ऐतिहासिक इमारतों को विशेष रोशनी से सजाया गया है, जिससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन गया है। ये आयोजन पूरे दिन चलने वाले समन्वित सांस्कृतिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा हैं, जो गुजरात की स्थापना की विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ने का प्रयास करते हैं।