क्या ग्राम चौपालों में 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना का प्रचार प्रसार किया जाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- ग्राम चौपालों में समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना का प्रचार किया जाएगा।
- सभी विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ होंगे।
- महिलाओं को सशक्त करने का विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है।
लखनऊ, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गांवों के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय पर पूरा करने तथा उनकी गुणवत्ता को बनाए रखने की अनुरोध की गई।
डिप्टी सीएम ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना चाहिए और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता के लिए किसी को माफ नहीं किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हर शुक्रवार को प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों में गांव के लोगों की समस्याओं का समाधान करने के साथ ही 'विकसित भारत -जी राम जी' अधिनियम की जानकारी भी लोगों को दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत-जी राम जी' के बारे में लोगों को जागरूक करने की अत्यावश्यकता है। ग्राम चौपालों में इस अधिनियम के पंपलेट भी वितरित किए जाएं। इसके साथ ही सभी स्तरों पर पत्राचार की समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्र के लिए स्थायी इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन हेतु 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' अधिनियम-2025 पारित किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।
उपमुख्यमंत्री ने दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि संस्थान में प्रशिक्षण की क्षमता बढ़ाई जाए। सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को पूरी क्षमता के साथ प्रशिक्षित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षणार्थियों की हाजिरी अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक के माध्यम से की जाए। विकास कार्यों का परिणाम धरातल पर स्पष्ट होना चाहिए। महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है, और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अधिकारियों से भुगतान प्रक्रिया को तेज करने के लिए समन्वय बनाने का निर्देश दिया। साथ ही, समूह सखियों को सक्रिय करने और उन्हें समय पर धनराशि उपलब्ध कराने की बात भी की।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में विलंब करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम और अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।