क्या जीएसटी स्लैब में सुधार अर्थव्यवस्था के लिए सही कदम है? : विनय सहस्रबुद्धे

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क्या जीएसटी स्लैब में सुधार अर्थव्यवस्था के लिए सही कदम है? : विनय सहस्रबुद्धे

सारांश

जीएसटी स्लैब में हालिया सुधार को दीपावली का उपहार बताया जा रहा है। पूर्व सांसद विनय सहस्रबुद्धे का मानना है कि यह कदम अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। जानिए इस सुधार के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

जीएसटी स्लैब में किए गए सुधार से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
18% जीएसटी को 5% और 28% को 18% किया गया है।
यह सुधार 22 सितंबर से लागू होगा।
व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा।
सरकार ने यह निर्णय दीपावली से पहले लिया है।

नई दिल्ली, 6 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में जीएसटी स्लैब में किए गए सुधार को दीपावली से पहले आम जनता के लिए उपहार बताया जा रहा है। पूर्व राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने इस सुधार को अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

शनिवार को राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह सरकारी निर्णय बहुत प्रभावी है। सरकार ने उपभोक्ताओं को कम कीमतों पर सामान उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है, साथ ही उत्पादकों को भी स्पष्टीकरण दिया है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक उचित कदम था।

भाजपा सांसद मितेश पटेल ने कहा कि जीएसटी में सुधार से मध्यम वर्ग को दीपावली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उपहार मिला है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी स्लैब में हुए सुधार से सभी प्रसन्न हैं। 18 प्रतिशत जीएसटी को 5 प्रतिशत कर दिया गया, और 28 प्रतिशत को 18 प्रतिशत किया गया। सभी चाहते थे कि जीएसटी में कमी आए, और सरकार ने एक सराहनीय निर्णय लिया है।

गुजरात से दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद का चुनाव है और समिति की बैठक है। एनडीए दलों के सभी सांसदों को बुलाया गया है। उपराष्ट्रपति का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है और हर सांसद को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। शीर्ष नेतृत्व के आदेश का पालन किया जाएगा।

बताते चलें कि जीएसटी स्लैब में सुधार के अनुसार, टैक्स स्लैब को चार से घटाकर दो कर दिया गया है, जबकि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुओं जैसे कि तंबाकू और सिगरेट के लिए 40 प्रतिशत का विशेष स्लैब रखा गया है। यह सुधार 22 सितंबर से लागू होगा, जिससे नवरात्रि और दीपावली जैसे त्यौहारों से पहले उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। जीएसटी स्लैब में सुधार को देशभर के व्यापारियों ने सराहा है।

हाल ही में गुजरात और महाराष्ट्र के व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी स्लैब की कमी से ग्राहक अधिक सामानों की खरीदारी करेंगे, जिससे व्यापारी और ग्राहक दोनों को लाभ होगा। कुछ व्यापारियों ने कहा कि सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर देशवासियों को दीपावली से पहले एक उपहार दिया है।

पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले के प्राचीर से संकेत दिया था कि सरकार जीएसटी स्लैब में सुधार करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि जीएसटी स्लैब में सुधार ने न केवल उपभोक्ताओं को राहत दी है, बल्कि व्यापारिक समुदाय के लिए भी एक सकारात्मक संकेत प्रस्तुत किया है। यह सुधार अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी स्लैब में किए गए सुधार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को कम कीमतों पर सामान उपलब्ध कराना और उत्पादकों को प्रोत्साहन देना है।
यह सुधार कब से लागू होगा?
यह सुधार 22 सितंबर से लागू होगा।
जीएसटी स्लैब में कितने प्रतिशत की कमी की गई है?
18 प्रतिशत जीएसटी को 5 प्रतिशत और 28 प्रतिशत को 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
क्या यह सुधार व्यापारियों के लिए फायदेमंद है?
जी हां, व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी स्लैब में कमी से ग्राहक अधिक सामान खरीदेंगे।
सरकार के इस निर्णय का सामाजिक प्रभाव क्या होगा?
इस निर्णय से मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी और उपभोक्ता वस्त्र, खाद्य सामग्री आदि की खरीदारी बढ़ाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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