सचिवालय के फैसलों का दीर्घकालिक असर: गुजरात के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास का बड़ा बयान
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने कहा कि सचिवालय के फैसले वर्षों तक जनजीवन को प्रभावित करते हैं।
- एसपीआईपीए द्वारा 23 से 25 अप्रैल तक गांधीनगर में डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
- कार्यक्रम में AI, साइबर सुरक्षा, पीएम गति शक्ति पोर्टल और IFMS जैसे तकनीकी विषयों पर सत्र शामिल हैं।
- डॉ. अंजू शर्मा ने डेटा और साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।
- मुख्य सचिव ने प्रशासन को 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ने की बात कही।
- एसपीआईपीए महानिदेशक हरीत शुक्ला ने बताया कि कार्यक्रम अधिकारियों को वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
गांधीनगर, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सचिवालय स्तर पर लिए गए नीतिगत निर्णय न केवल तत्काल शासन को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनका असर वर्षों और दशकों तक लाखों नागरिकों की जिंदगी पर बना रहता है। वह गांधीनगर में सरदार पटेल लोक प्रशासन संस्थान (एसपीआईपीए) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य और स्वरूप
यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (23 से 25 अप्रैल) राज्य सचिवालय के डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय 'प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व को मजबूत बनाना' है।
इसका मुख्य उद्देश्य तेजी से बदलती शासन चुनौतियों और तकनीकी परिवर्तनों के बीच अधिकारियों को अधिक सक्षम और दूरदर्शी बनाना है। एसपीआईपीए के महानिदेशक हरीत शुक्ला ने बताया कि यह कार्यक्रम अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ-साथ भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा।
मुख्य सचिव के अहम संदेश
मनोज कुमार दास ने कहा कि सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों की भूमिका अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण होती है। यहां लिए गए नीतिगत फैसले वर्षों बाद भी जनजीवन को प्रभावित करते रहते हैं, इसलिए हर निर्णय सुविचारित, सटीक और जन-हितकारी होना चाहिए।
उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल गवर्नेंस के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारियों को निरंतर अपडेट रहना और नई तकनीक को आत्मसात करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता भी रेखांकित की, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक कागजी झंझट से मुक्ति मिल सके।
मुख्य सचिव ने फील्ड अधिकारियों और सचिवालय के बीच बेहतर समन्वय की वकालत करते हुए कहा कि जमीनी हकीकत से जुड़े बिना नीतियां प्रभावी नहीं हो सकतीं। उन्होंने फाइलों को महज कागज नहीं, बल्कि जनकल्याण का माध्यम मानने का आह्वान किया।
विकसित भारत 2047 से जोड़ा प्रशासनिक लक्ष्य
मनोज कुमार दास ने गुजरात की प्रशासनिक व्यवस्था को 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय संकल्प के साथ संरेखित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में गुजरात पहले से अग्रणी है, वहां वैश्विक मानक हासिल करने चाहिए और शेष क्षेत्रों में राष्ट्रीय शीर्ष स्थान का लक्ष्य निर्धारित होना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार सुशासन सूचकांक (Good Governance Index) में राज्यों की रैंकिंग को लेकर सक्रिय है और गुजरात लगातार शीर्ष प्रदर्शनकारी राज्यों में शामिल रहा है।
डॉ. अंजू शर्मा का संबोधन — डेटा आधारित शासन पर जोर
सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अंजू शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन में निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अनिवार्य है और शासन को डेटा एवं साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में AI, साइबर सुरक्षा, पीएम गति शक्ति पोर्टल, स्वागत शिकायत निवारण प्रणाली, IFMS आधारित वित्तीय प्रबंधन और 'विकसित गुजरात 2047' से जुड़ी रणनीतियों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही नेतृत्व विकास और मानसिक संतुलन पर भी सत्र रखे गए हैं ताकि अधिकारी दबाव की परिस्थितियों में भी प्रभावी निर्णय ले सकें।
व्यापक प्रभाव और आगे की राह
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गुजरात सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत मध्य और वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों की क्षमता संवर्धन पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब सचिवालय स्तर के अधिकारी तकनीकी रूप से दक्ष और डेटा-संचालित सोच से लैस होंगे, तो नीति निर्माण की गुणवत्ता में स्वाभाविक सुधार आएगा।
25 अप्रैल को कार्यक्रम के समापन के बाद प्रतिभागी अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे इन सीखों को अपने विभागों में लागू करते हुए नागरिक-केंद्रित शासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे।