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नवरात्रि के नौवें दिन CM भूपेंद्र पटेल ने रूपल के वरदायिनी माताजी मंदिर में की पूजा

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नवरात्रि के नौवें दिन CM भूपेंद्र पटेल ने रूपल के वरदायिनी माताजी मंदिर में की पूजा

सारांश

नवरात्रि के नौवें दिन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रूपल के वरदायिनी माताजी मंदिर में पूजा-अर्चना की और पल्ली यात्रा में उपस्थित श्रद्धालुओं से संवाद किया। विजयदशमी पर उन्होंने सामाजिक सद्भाव और एकता का आह्वान करते हुए बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के नौवें दिन रूपल, गांधीनगर स्थित वरदायिनी माताजी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
पारंपरिक पल्ली यात्रा इसी मंदिर से शुरू होती है; मुख्यमंत्री ने यात्रा से पूर्व दर्शन किए।
गांधीनगर जिला कलेक्टर रविंद्र खटाले और मंदिर ट्रस्टियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
पटेल ने विजयदशमी के अवसर पर सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और समावेशी विकास का आह्वान किया।
उन्होंने दशहरे को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताया।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 19 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के नौवें दिन की शाम गांधीनगर जिले के रूपल स्थित वरदायिनी माताजी मंदिर में पहुँचकर देवी के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य, सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री पटेल ने बताया कि प्रतिवर्ष आषाढ़ नवरात्रि के दौरान पारंपरिक पल्ली यात्रा इसी वरदायिनी माताजी मंदिर से शुरू होती है। इस बार भी पल्ली यात्रा के आरंभ से पूर्व उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की।

गांधीनगर जिला कलेक्टर रविंद्र खटाले और मंदिर के ट्रस्टियों ने मुख्यमंत्री का परंपरागत स्वागत किया। पटेल ने यात्रा के लिए उपस्थित श्रद्धालुओं से भी सौहार्दपूर्ण संवाद किया और उनके अभिवादन का हार्दिक प्रतिउत्तर दिया।

विजयदशमी पर सामाजिक सद्भाव का आह्वान

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विजयदशमी के अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएँ देते हुए सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से एकता और समावेशी विकास की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आग्रह किया।

पटेल ने दशहरे को असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व बुराई पर दैवीय शक्तियों की जीत का उत्सव है। उनके अनुसार यह अवसर हर व्यक्ति को अपने भीतर की नकारात्मकता और बुराइयों पर विजय पाने की प्रेरणा देता है।

त्योहार का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व

विजयदशमी नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के समापन पर मनाई जाती है, जिसके दौरान श्रद्धालु दिव्य स्त्री शक्ति की आराधना करते हैं। यह पर्व अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक माना जाता है और पूरे देश में इसका गहरा धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व है।

गौरतलब है कि रूपल का वरदायिनी माताजी मंदिर गांधीनगर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है, जहाँ नवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित होते हैं।

मुख्यमंत्री का संदेश

पटेल ने कहा कि यह उत्सव लोगों को त्योहार द्वारा प्रतिपादित मूल्यों पर मनन करने और अपने व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन में नकारात्मक प्रवृत्तियों पर काबू पाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पर्व समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का वातावरण और अधिक सुदृढ़ करेगा।

आगे चलकर इस प्रकार के सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में मुख्यमंत्री की उपस्थिति गुजरात की सांस्कृतिक परंपराओं को राजनीतिक नेतृत्व के साथ जोड़ने की दिशा में जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी प्रासंगिकता तब और बढ़ जाती है जब राज्य में सामुदायिक तनाव या चुनावी गतिविधि की पृष्ठभूमि हो। यह आयोजन मूलतः धार्मिक-सांस्कृतिक है, पर मुख्यमंत्री की सक्रिय उपस्थिति इसे एक सार्वजनिक आउटरीच का भी रूप देती है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM भूपेंद्र पटेल ने नवरात्रि पर कौन से मंदिर में दर्शन किए?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने नवरात्रि के नौवें दिन गांधीनगर जिले के रूपल स्थित वरदायिनी माताजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह मंदिर गांधीनगर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है।
पल्ली यात्रा क्या है और यह कहाँ से शुरू होती है?
पल्ली यात्रा आषाढ़ नवरात्रि के दौरान आयोजित एक पारंपरिक धार्मिक यात्रा है, जो रूपल स्थित वरदायिनी माताजी मंदिर से शुरू होती है। मुख्यमंत्री पटेल ने इस यात्रा के आरंभ से पूर्व मंदिर में दर्शन किए।
CM पटेल ने विजयदशमी पर क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री पटेल ने विजयदशमी पर सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे का आह्वान करते हुए लोगों से एकता और समावेशी विकास के लिए सामूहिक प्रयास का आग्रह किया। उन्होंने इस पर्व को असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक बताया।
वरदायिनी माताजी मंदिर रूपल कहाँ स्थित है?
वरदायिनी माताजी मंदिर गुजरात के गांधीनगर जिले के रूपल गाँव में स्थित है। नवरात्रि के अवसर पर यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं।
विजयदशमी का धार्मिक महत्व क्या है?
विजयदशमी नौ दिवसीय नवरात्रि उत्सव के समापन पर मनाई जाती है और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस दिन को दशहरा भी कहा जाता है और पूरे देश में इसका गहरा धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व है।
राष्ट्र प्रेस
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