क्या गुजरात के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से सुरक्षित करने के लिए कोर कमेटी और टास्क फोर्स का गठन किया गया?
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात सरकार ने साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कोर कमेटी का गठन किया है।
- ऊर्जा क्षेत्र में साइबर खतरे को कम करने के लिए टास्क फोर्स बनाई गई है।
- आधुनिक प्रणालियों के कारण साइबर हमलों का खतरा बढ़ा है।
- कमेटी एक रोडमैप तैयार करेगी।
- सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
गांधीनगर, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने राज्य के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने हेतु एक कोर कमेटी और टास्क फोर्स का गठन किया है।
आधुनिक और डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए संभावित साइबर खतरों का सामना करने के लिए गुजरात सरकार ने पूर्व तैयारी के तहत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में और ऊर्जा मंत्री ऋषिकेश पटेल के नेतृत्व में राज्य के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से सुरक्षित करने के लिए यह पहल की गई है।
ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग (ईपीडी) द्वारा गठित 11 सदस्यीय कोर कमेटी और 19 सदस्यीय टास्क फोर्स राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में साइबर सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी और एक रणनीतिक रोडमैप तैयार करेगी। 24 घंटे बिजली आपूर्ति व्यवस्था में स्मार्ट मीटर, स्मार्ट ग्रिड और एससीएडीए जैसी आधुनिक प्रणालियों के शामिल होने से साइबर हमलों की आशंका बढ़ गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।
यह कमेटी ऊर्जा क्षेत्र के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आईटी और साइबर सुरक्षा व्यवस्थाओं, साइबर सुरक्षा नीति और साइबर घटनाओं के प्रबंधन की तैयारी की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही आवश्यक सुधारों, साइबर ड्रिल, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों, विशेषज्ञों और राष्ट्रीय एवं राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय कर एक मजबूत और सुव्यवस्थित साइबर सुरक्षा प्रणाली विकसित करने का रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा।