गुलमर्ग में मौसम की पहली बर्फबारी, पर्यटक रोमांचित; 15 अक्टूबर से मौसम में सुधार का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल गुलमर्ग में 14 अक्टूबर 2026 को इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिसने यहाँ पहुँचे पर्यटकों को रोमांच और उल्लास से भर दिया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और वर्षा की संभावना जताते हुए 15 अक्टूबर की दोपहर के बाद मौसम में सुधार का अनुमान व्यक्त किया है।
मुख्य घटनाक्रम
पिछले 24 घंटों में गुलमर्ग स्की रिसॉर्ट के अलावा जोजिला दर्रा, राजदान दर्रा, सिंथन टॉप और कई अन्य ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस मौसम का पहला हिमपात दर्ज किया गया। बर्फ की निर्मल सफेद चादर से ढके गुलमर्ग में पर्यटक बर्फ के गोले खेलते और नृत्य करते नज़र आए।
पर्यटकों में से अधिकांश ने कहा कि कश्मीर की इस भव्यता और प्राकृतिक सुंदरता की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। कुछ युवाओं ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार किसी फिल्म के बाहर वास्तविक बर्फबारी का अनुभव किया।
तापमान में गिरावट
ऊँचे इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के कारण श्रीनगर में मंगलवार को अधिकतम तापमान गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। पहलगाम और गुलमर्ग में यह क्रमशः 14.2 डिग्री और 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ठंड की शुरुआत के साथ ही कश्मीरियों ने ऊनी कपड़े पहनना शुरू कर दिया है। घाटी के सबसे पसंदीदा परिधान ट्वीड से बने परंपरागत वस्त्र 'फिरेन' की माँग बढ़ गई है।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर तक ऊँचे इलाकों में आंधी, तेज़ हवाएँ, बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए किसानों और सेब उत्पादकों को कटी हुई फसल के सुरक्षित भंडारण की सलाह दी है। यात्रियों और पर्यटकों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है, जबकि पर्वतारोहियों को मौसम बेहतर होने तक पहाड़ी यात्राओं से बचने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि घाटी में धान की संपूर्ण फसल पहले ही काटी जा चुकी है और सेब की लगभग 90 प्रतिशत फसल भी तोड़ी जा चुकी है। स्थानीय किसान अब रबी सीज़न की फसल — जैसे तिलहन — बोने की तैयारी में जुटे हैं और हालिया बारिश इस दृष्टि से उनके लिए लाभकारी रही है।
जल संसाधनों पर असर
पहाड़ों में ताज़ा हिमपात के चलते विभिन्न झरनों, पहाड़ी धाराओं, झीलों और कुओं में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है, जो आगामी सर्दियों के महीनों के लिए जल-आपूर्ति की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
आगे का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर की दोपहर के बाद मौसम में सुधार होगा और अगले दस दिनों तक केंद्र शासित प्रदेश में आमतौर पर शुष्क मौसम रहने का अनुमान है। यह खबर उन पर्यटकों के लिए राहत भरी है जो आने वाले दिनों में कश्मीर की यात्रा की योजना बना रहे हैं।