गुरदासपुर में अंतरराज्यीय हथियार तस्करी रैकेट ध्वस्त, 4 गिरफ्तार; दुबई-अमेरिका से जुड़े तार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को गुरदासपुर में एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्ज़े से 7 पिस्तौल तथा 8 मैगजीन बरामद की हैं। प्रारंभिक जाँच में इस रैकेट के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिनमें दुबई और अमेरिका में बैठे हैंडलर्स शामिल बताए जा रहे हैं।
बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस के अनुसार, ज़ब्त हथियारों में एक ग्लॉक पिस्तौल और छह .30 कैलिबर की पिस्तौलें शामिल हैं। इनके साथ 8 मैगजीन भी बरामद की गई हैं। इन अत्याधुनिक हथियारों की बरामदगी इस बात की ओर संकेत करती है कि तस्करी का यह नेटवर्क संगठित और सुव्यवस्थित था।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से 'बैकवर्ड लिंकेज' था, जो हथियारों की आपूर्ति का स्रोत बताया जा रहा है। वहीं, अमेरिका में बैठे एक हैंडलर से 'फॉरवर्ड लिंकेज' था, जो आगे की डिलीवरी और नेटवर्क को नियंत्रित करता था। अधिकारियों के अनुसार, इन्हीं विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर आरोपी पंजाब में अवैध हथियार एकत्र कर रहे थे।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में कलानौर पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जाँच कर रही है, ताकि बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पुष्टि हो सके और इस रैकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा जा सके। पंजाब पुलिस महानिदेशक के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर गुरुवार को इस कार्रवाई की जानकारी साझा की गई।
व्यापक अभियान का हिस्सा
यह कार्रवाई पंजाब पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य को अवैध हथियारों और गैंगस्टर संस्कृति से मुक्त कराना है। गौरतलब है कि इससे पहले अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने भी ड्रग तस्करी और अवैध हथियार आपूर्ति के तीन अलग-अलग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जिसमें 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और उनसे 13 पिस्तौल, 22 जिंदा कारतूस तथा 3.267 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। उस मामले में भी विदेशी हैंडलर्स के शामिल होने के संकेत मिले थे।
आगे क्या होगा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दुबई और अमेरिका में बैठे हैंडलर्स की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग लिया जा सकता है। यह मामला पंजाब में हथियारों की तस्करी की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय जड़ों को उजागर करता है, और राज्य पुलिस के लिए आने वाले समय में नेटवर्क की पूरी जड़ें उखाड़ना एक बड़ी चुनौती होगी।