ग्वालियर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत, कई घायल
सारांश
मुख्य बातें
ग्वालियर, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में शुक्रवार की सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने एक ओवरलोडेड ऑटो को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई। इस दुर्घटना में ऑटो-रिक्शा के चालक सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह घटना शुक्रवार सुबह 3 बजे परशुराम चौराहे के पास जैन मंदिर के समीप हुई। यह परिवार, जिसमें नौ सदस्य थे, बस स्टैंड के निकट स्थित शीतला माता मंदिर में पूजा करने के बाद घर लौट रहा था। तभी अचानक तेज गति से आती हुई स्कॉर्पियो ने उनके ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयंकर थी कि ऑटो रिक्शा कुछ सेकंड के लिए हवा में उछल गया और सड़क किनारे एक नीम के पेड़ से टकरा गया, जिससे सवार लोगों को बचने का कोई अवसर नहीं मिला।
मृतकों में शुभम उर्फ लाली (30), उनके पिता महेश शाक्य, पत्नी शगुन, चाचा इंद्रजीत उर्फ पप्पू शाक्य (55), पत्नी लीला (52) और सास प्रीति (60) शामिल हैं। घायलों में प्रीति (20), शुभम के दो बेटे प्रियंश (5) और आरव (6) और एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं।
ऑटो-रिक्शा चालक को भी सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। सभी घायलों को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती किया गया है।
पुलिस के अनुसार, एसयूवी चालक लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और इससे पहले उसने बस स्टैंड के पास एक अन्य कार को भी टक्कर मारी थी। पुलिस पेट्रोलिंग टीम द्वारा रोकने के प्रयास के बावजूद, वाहन तेज गति से भागता रहा, जिसके बाद उसने ऑटो-रिक्शा और फिर एक पेड़ से टकरा गया।
एसयूवी में अकेला चालक भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन स्थानीय निवासियों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
शहर पुलिस अधीक्षक अतुल सोनी ने पुष्टि की है कि यह दुर्घटना तेज गति और लापरवाह ड्राइविंग के कारण हुई। चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और यह जांच की जा रही है कि क्या इस घटना में नशे या अत्यधिक गति का कोई योगदान था।
मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। इस हादसे ने सुरेश नगर, थाटीपुर और मुरार के निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। कई लोग ट्रैफिक नियमों के ढीले पालन, विशेषकर ओवरलोडेड ऑटो-रिक्शा और मंदिरों व व्यस्त चौराहों के पास रात में तेज गति से गाड़ी चलाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं।