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क्या सीईसी ज्ञानेश कुमार 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे?

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क्या सीईसी ज्ञानेश कुमार 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे?

सारांश

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 3 दिसंबर को स्वीडन में अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे। इस मौके पर भारत अपने चुनावी अनुभव का लाभ उठाकर वैश्विक लोकतंत्र को सशक्त करने का प्रयत्न करेगा। क्या यह भारत के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है?

मुख्य बातें

ज्ञानेश कुमार 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे।
भारत का चुनावी अनुभव वैश्विक चुनाव प्रबंधन में महत्वपूर्ण होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सशक्त किया जाएगा।
भारत का निर्वाचन आयोग अपनी सर्वोत्तम पद्धतियों को साझा करेगा।
चुनावी हिंसा और गलत सूचना के मुद्दों पर कार्यवाहियां की जाएंगी।

नई दिल्ली, 1 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार 3 दिसंबर को स्वीडन में अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता ग्रहण करेंगे। इंटरनेशनल आईडीईए एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 1995 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को सशक्त बनाना है।

वर्तमान में इसके 35 सदस्य देश हैं, जबकि अमेरिका और जापान जैसे देशों को पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है। यह संगठन समावेशी, लचीली और जवाबदेह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का कार्य करता है।

भारत की अध्यक्षता निर्वाचन आयोग की वैश्विक पहचान और सफलता का प्रतीक है। भारत ने हमेशा से इस संगठन के संचालन, लोकतांत्रिक संवाद और संस्थागत पहल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत का लक्ष्य इस संगठन के वैश्विक एजेंडे को आकार देना और चुनावी सुधारों को बढ़ावा देना है।

अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए को 2003 से संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है।

भारत अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए का संस्थापक सदस्य है और शासन प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया है, जैसे कि चुनावी अनुसंधान, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग।

90 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, भारत 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए की अध्यक्षता ग्रहण करते समय चुनावी प्रशासन में अपने व्यापक अनुभव का लाभ उठाएगा और दुनियाभर में चुनाव प्रबंधन निकायों को मजबूत बनाने में योगदान करेगा।

भारत का निर्वाचन आयोग, जो दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय चुनाव प्रबंधन निकाय है, अपनी सर्वोत्तम पद्धतियों को विश्वभर के निर्वाचन निकायों के साथ साझा करेगा।

इसके अलावा, आईआईआईईडीएम (भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान) और आईडीईए के सहयोग से चुनावी हिंसा, गलत सूचना और मतदाताओं के विश्वास में कमी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर कार्य किए जाएंगे।

अब तक, आईआईआईडीईएम ने 28 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं और लगभग 142 देशों के 3,169 चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। इस सहयोग के जरिए भारत निर्वाचन आयोग के नवाचारी प्रौद्योगिकीय उपायों और सर्वोत्तम पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक लोकतंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्लोबल लोकतंत्र के लिए भारत की भूमिका क्या होगी?
भारत का चुनावी अनुभव और विशेषज्ञता अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए के माध्यम से वैश्विक लोकतंत्र को सशक्त बनाने में मदद करेगा।
अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए का उद्देश्य क्या है?
अंतर्राष्ट्रीय आईडीईए का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को मजबूत करना है।
भारत के निर्वाचन आयोग की वैश्विक पहचान क्या है?
भारत का निर्वाचन आयोग विश्व का सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय चुनाव प्रबंधन निकाय है।
राष्ट्र प्रेस
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