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गुजरात में स्वदेशी उत्पादों के लिए बनेगा ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’, 4 महानगर पालिकाओं में शुरुआत

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गुजरात में स्वदेशी उत्पादों के लिए बनेगा ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’, 4 महानगर पालिकाओं में शुरुआत

सारांश

गुजरात में ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’ की स्थापना से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियानों का हिस्सा है, जो स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाएगी।

मुख्य बातें

स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नमो स्वदेशी अर्बन मॉल की स्थापना।
गुजरात में चार प्रमुख शहरों में मॉल का निर्माण।
स्थानीय कारीगरों को सशक्त करने की पहल।

गांधीनगर, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘हर घर स्वदेशी’ जैसे महत्वपूर्ण अभियानों की शुरुआत की है, जिससे हर भारतीय नागरिक को स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके और 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान दिया जा सके।

इस दिशा में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने शहरी इलाकों में स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को एक मंच प्रदान करने के लिए कई पहलें की हैं। गुजरात में स्वदेशी मेलों की सफलता के बाद, अब अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट जैसे 4 महानगर पालिकाओं में ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’ का निर्माण किया जाएगा।

गुजरात शहरी आजीविका मिशन, शहरी विकास और शहरी गृह निर्माण विभाग के तहत, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’ योजना को लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य महानगर पालिकाओं में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए एक स्थायी और आधुनिक बाजार स्थापित करना है, जिससे नागरिकों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जा सके।

यह ध्यान देने योग्य है कि वर्ष 2025-26 के दौरान शहरी विकास के अंतर्गत राज्य की 16 महानगर पालिकाओं में प्लास्टिक मुक्त ‘स्वदेशी फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया था, जिसमें स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, फेरीवालों और छोटे व्यापारियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और बेचने का अवसर मिला था। अब, स्वदेशी उत्पादों को एक व्यापक और स्थायी बाजार प्रदान करने के लिए अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में स्थायी ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’ स्थापित किए जाएंगे। ये मॉल स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, फेरीवालों और छोटे उद्यमियों को अपने स्वदेशी उत्पादों को बेचने के लिए एक व्यवस्थित और आधुनिक मंच प्रदान करेंगे।

इन मॉल के माध्यम से खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा, जिससे ग्राहकों को एक ही स्थान पर विभिन्न स्वदेशी उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे, और उत्पादकों को भी अपने उत्पादों के लिए बाजार मिलेगा। इसके अलावा, इस मॉल का उपयोग स्वदेशी मेलों, हाट और विभिन्न प्रदर्शनी आयोजनों के लिए भी किया जा सकेगा, जिससे ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को और अधिक गति मिलेगी।

अंततः, राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में ‘नमो स्वदेशी अर्बन मॉल’ और स्वदेशी मेलों के आयोजन के लिए 45 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पहल स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को सशक्त बनाएगी और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को सशक्त बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के अभियानों का यह हिस्सा न केवल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमो स्वदेशी अर्बन मॉल का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महानगर पालिकाओं में स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए एक स्थायी और आधुनिक बाजार स्थापित करना है।
कौन से शहरों में यह मॉल खोले जाएंगे?
यह मॉल अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में खोले जाएंगे।
इस योजना में सरकार का क्या योगदान है?
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 2026-27 के बजट में 45 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
राष्ट्र प्रेस
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