क्या हल्द्वानी में स्कूल बस के पलटने से बच्चों की जान危 है?

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क्या हल्द्वानी में स्कूल बस के पलटने से बच्चों की जान危 है?

सारांश

हल्द्वानी में एक दर्दनाक घटना में स्कूल बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। 12 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। घटना के बाद स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए। क्या प्रशासन और स्कूल प्रबंधन इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं? जानें इस घटना की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • हल्द्वानी में स्कूल बस हादसा हुआ जिसमें 12 बच्चों के घायल होने की खबर है।
  • स्थानीय लोगों ने घायलों की मदद के लिए तत्परता दिखाई।
  • ग्राम प्रधान ने बस चालकों की लापरवाही पर सवाल उठाए।
  • हादसे के बाद स्कूलों में सुरक्षा मानकों की मांग उठी।
  • पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हल्द्वानी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के हल्द्वानी के लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के बरेली रोड पर जयपुर बीसा गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक निजी स्कूल की बस, जिसमें बच्चे सवार थे, दूसरी बस को साइड देने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खाई में पलट गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई।

स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बस का शीशा तोड़कर सभी बच्चों को बाहर निकाला, जिसमें 12 से अधिक बच्चे घायल हो गए। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बस चालक और परिचालक को भी गंभीर चोटें आई हैं।

यह हादसा मोटाहल्दू क्षेत्र के पदमपुर देवलिया गांव के पास हुआ, जहां बस रामपुर रोड से बच्चों को स्कूल ले जा रही थी। घटनास्थल स्कूल के नजदीक होने के कारण स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से घायलों को हल्द्वानी के निजी अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो स्कूल बसें चौराहे के पास साइड ले रही थीं और इस दौरान एक बस अधिक किनारे चली गई और खाई में पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अभिभावक चिंता में पड़ गए और स्कूल पहुंचकर अपने बच्चों की कुशलक्षेम पूछने लगे।

ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी ने हादसे के लिए बस चालकों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि बस में करीब 40 बच्चे सवार थे, जिनमें से 12 से ज्यादा घायल हुए।

प्रधान ने कहा, "इस क्षेत्र के बस चालक अक्सर नशे की हालत में गाड़ी चलाते हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।"

उन्होंने कहा कि हादसे वाली जगह पर नाला है, लेकिन शुक्र है कि नाले में पानी नहीं था, वरना कई बच्चों की जान जा सकती थी।

ग्राम प्रधान ने जिला प्रशासन पर भी निशाना साधा और कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों ने ही घायलों को बचाकर अस्पताल भेजा। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और लोगों ने स्कूलों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग उठाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

Point of View

NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

इस हादसे में कितने बच्चे घायल हुए?
इस हादसे में 12 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं।
क्या प्रशासन ने इस घटना के बाद कोई कार्रवाई की?
अभी तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
स्थानीय लोगों ने किस तरह से मदद की?
स्थानीय लोगों ने तुरंत बस का शीशा तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।