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कतर दौरे पर जाएंगे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एलएनजी सप्लाई पर करेंगे महत्वपूर्ण वार्ता

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कतर दौरे पर जाएंगे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, एलएनजी सप्लाई पर करेंगे महत्वपूर्ण वार्ता

सारांश

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कतर दौरा ईरान संघर्ष के बीच एलएनजी सप्लाई पर महत्वपूर्ण बातचीत का अवसर है। यह यात्रा भारत के ऊर्जा सुरक्षा प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

हरदीप सिंह पुरी का कतर दौरा एलएनजी सप्लाई पर महत्वपूर्ण वार्ता के लिए है।
ईरान संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित किया है।
कतर एनर्जी ने 'फोर्स मेजर' लागू किया है।
भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रहा है।
भारत का लक्ष्य 2030 तक प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाना है।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9 से 10 अप्रैल के बीच कतर का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे ईरान संघर्ष के कारण प्रभावित लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) सप्लाई पर महत्वपूर्ण चर्चा करेंगे।

मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में कहा, "केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9-10 अप्रैल, 2026 को कतर राज्य की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।"

वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव के बावजूद, भारत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।

कुछ समय पहले, कतर की सरकारी कंपनी कतर एनर्जी ने लंबी अवधि के एलएनजी सप्लाई अनुबंधों पर 'फोर्स मेजर' लागू कर दिया था, जिससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया, और चीन जैसे देशों को जाने वाली सप्लाई प्रभावित हुई।

हालांकि, भारत इस सूची में नहीं था, लेकिन कतर से एलएनजी खरीदने वाले प्रमुख देशों में भारत भी शामिल है।

कतर एनर्जी के सीईओ साद अल-काबी के अनुसार, फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद से कतर पर ईरान के हमलों के कारण ऊर्जा ढांचे को नुकसान हुआ है। इससे देश की लगभग 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता प्रभावित हुई है।

हमलों में कतर के 14 एलएनजी संयंत्रों में से 2 और 2 गैस-टू-लिक्विड (जीटीएल) सुविधाओं में से 1 को नुकसान पहुंचा है, जिससे लगभग 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन ठप हो गया है। उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत में 3 से 5 वर्ष का समय लग सकता है।

इस संकट से कतर को हर साल लगभग 20 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान है और इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, विशेष रूप से यूरोप और एशिया के देशों में।

इससे पहले, मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत की थी और ऊर्जा ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की थी। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

इस बीच, भारतीय कंपनियां एलएनजी की आपूर्ति के लिए अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, और रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख कर रही हैं, जिसका उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक क्षेत्र में होता है।

भारत ने 2025 में लगभग 25.5 मिलियन टन एलएनजी का आयात किया था और सरकार का लक्ष्य 2030 तक देश के कुल ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह वार्ता वैश्विक ऊर्जा चेन में स्थिरता लाने के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरदीप सिंह पुरी कब कतर का दौरा करेंगे?
हरदीप सिंह पुरी 9 से 10 अप्रैल के बीच कतर का दौरा करेंगे।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ईरान संघर्ष के कारण प्रभावित एलएनजी सप्लाई पर बातचीत करना है।
कतर से एलएनजी खरीदने वाले प्रमुख देशों में कौन-कौन शामिल हैं?
भारत के अलावा, इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन भी शामिल हैं।
कतर में एलएनजी संयंत्रों को कितना नुकसान हुआ है?
कतर के 14 एलएनजी प्लांट्स में से 2 को नुकसान हुआ है, जिससे 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन ठप हो गया है।
भारत की एलएनजी आयात की योजना क्या है?
भारत का लक्ष्य 2030 तक देश के कुल ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
राष्ट्र प्रेस
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