हाथरस में दीपावली से पहले पुलिस का बड़ा एक्शन: 33 टन अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद, 2 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के हाथरस में दीपावली पर्व से पूर्व जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बुधवार, 7 अक्टूबर को अवैध आतिशबाजी निर्माण के विरुद्ध एक विशेष अभियान छेड़ा और 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार व्यक्तियों के पास से कुल 33 टन प्रतिबंधित रसायन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग अवैध पटाखा निर्माण में किया जाता है।
क्या मिला छापेमारी में
पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि बरामद सामग्री में 25 टन पोटाश (पोटैशियम नाइट्रेट) और 8 टन गंधक (पोटैशियम सल्फेट) शामिल हैं। ये दोनों रसायन विस्फोटक पटाखों के निर्माण में प्रमुख रूप से इस्तेमाल होते हैं और बिना लाइसेंस के इनका भंडारण और व्यापार कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अभी 3 अन्य आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
अभियान की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि दीपावली के नज़दीक आते ही उत्तर प्रदेश पुलिस प्रतिवर्ष अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाती है। बिना अनुमति के रखे गए विस्फोटक रसायनों के कारण आवासीय क्षेत्रों में दुर्घटनाएँ हो सकती हैं, जो जन-जीवन के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीजन में पटाखों की अवैध सप्लाई चेन राज्य भर में सक्रिय हो जाती है।
महराजगंज में एआई वीडियो केस: दूसरी बड़ी कार्रवाई
इसी दिन महराजगंज से पुलिस की एक अलग कार्रवाई सामने आई। एक युवक फैयाज अहमद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कैम्प को कथित तौर पर विस्फोट से उड़ाते हुए दिखाने वाला एक फर्जी वीडियो बनाया और अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में बनाया गया यह वीडियो राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत आपत्तिजनक था। डिजिटल सर्विलांस के ज़रिए फैयाज की पहचान तुरंत की गई, वीडियो उसके अकाउंट से हटवाया गया और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान भेज दिया गया।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कहा कि जनपद में दीपावली पर्व के मद्देनजर जन सुरक्षा के लिए यह विशेष अभियान जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अन्य स्थानों पर भी सर्च ऑपरेशन चल रहा है और शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
आगे क्या होगा
हाथरस पटाखा मामले में फरार 3 आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ठिकानों की भी जाँच की जा रही है। महराजगंज के युवक के मामले में न्यायालय आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि AI-जनित भड़काऊ सामग्री के बढ़ते मामले सोशल मीडिया निगरानी को और कड़ा करने की ज़रूरत को रेखांकित करते हैं।