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गोकलपुरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; 34 किलो विस्फोटक पाउडर जब्त

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गोकलपुरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार; 34 किलो विस्फोटक पाउडर जब्त

सारांश

दीपावली से ठीक पहले दिल्ली पुलिस ने गोकलपुरी की एक रिहायशी इमारत में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर और 1,480 से अधिक पटाखे जब्त, तीन गिरफ्तार — घनी आबादी में इस ऑपरेशन ने बड़ा हादसा टाला।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को गोकलपुरी, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
छापेमारी में 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे , 600 अधूरे पटाखे और 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर बरामद।
आरोपी — मोहित गोस्वामी (29) , अरमान (24) और समीर (21) — के पास कोई वैध लाइसेंस या परमिट नहीं था।
तीनों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं; BNS की धारा 125, 223(बी), 288 और विस्फोटक अधिनियम धारा 9बी(1) के तहत FIR 286/26 दर्ज।
पुलिस विस्फोटक सामग्री के स्रोत और वितरण नेटवर्क की जाँच कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में एक रिहायशी इमारत की दूसरी मंजिल पर कथित तौर पर चल रही अवैध पटाखा निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। छापेमारी में 880 तैयार पटाखे, 600 अधूरे पटाखे और 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर बरामद हुआ, जो एक घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र में गंभीर सुरक्षा खतरे का संकेत है।

छापेमारी का घटनाक्रम

गोकलपुरी पुलिस स्टेशन की एक टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गोकलपुर गांव, गली नंबर 14 स्थित एक घर की दूसरी मंजिल पर बिना अनुमति के पटाखे बनाए जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर टीम ने 26 अक्टूबर को उक्त स्थान पर छापा मारा।

तलाशी के दौरान पाँच डिब्बों में 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे, 600 बिना तैयार पटाखे और 34 किलो संदिग्ध एक्सप्लोसिव पाउडर मिला। इसके अलावा पटाखों के खाली शेल, एक फिलिंग मशीन, एक वजन तौलने की मशीन और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई।

आरोपियों की पहचान

पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान तीन व्यक्तियों को पकड़ा — मोहित गोस्वामी (29 वर्ष), अरमान (24 वर्ष) और समीर (21 वर्ष)। तीनों पर बिना किसी वैध लाइसेंस या परमिट के पटाखे बनाने और भंडार करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, तीनों में से किसी का भी पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

दर्ज मामला और कानूनी धाराएँ

छापेमारी के बाद गोकलपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 286/26 दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 223(बी) और 288 के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी(1) के तहत दर्ज किया गया है। बरामद सामग्री को तय प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है।

सुरक्षा पर चिंता

पुलिस ने कहा है कि रिहायशी क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण और भंडारण आसपास के निवासियों के लिए अत्यंत गंभीर खतरा है। गोकलपुरी एक घनी आबादी वाला इलाका है और इस तरह की फैक्ट्री का वहाँ संचालन दुर्घटना की स्थिति में बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि का कारण बन सकता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब दीपावली से पहले राजधानी में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर नियामकीय निगरानी कड़ी की गई है।

आगे की जाँच

पुलिस अब उस घर की विस्तृत जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पटाखे बनाने में इस्तेमाल कच्चे माल के स्रोत और तैयार माल के संभावित वितरण नेटवर्क का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। मामले की जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह चक्र टूटता नहीं। असली सवाल यह है कि 34 किलो विस्फोटक पाउडर और फिलिंग मशीन एक घनी आबादी वाले मकान में आई कैसे — सप्लाई चेन की जाँच उतनी ही ज़रूरी है जितनी तीन युवाओं की गिरफ्तारी।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोकलपुरी में पकड़ी गई अवैध पटाखा फैक्ट्री में क्या मिला?
छापेमारी में 880 तैयार कोल्ड पायरो पटाखे, 600 अधूरे पटाखे और 34 किलो संदिग्ध विस्फोटक पाउडर मिला। इसके अलावा पटाखों के खाली शेल, एक फिलिंग मशीन, वजन तौलने की मशीन और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और उनके नाम क्या हैं?
पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया — मोहित गोस्वामी (29 वर्ष), अरमान (24 वर्ष) और समीर (21 वर्ष)। तीनों पर बिना वैध लाइसेंस के पटाखे बनाने और भंडार करने का आरोप है, और पुलिस के अनुसार किसी का भी पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
इस मामले में कौन-सी कानूनी धाराएँ लगाई गई हैं?
गोकलपुरी पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 286/26 दर्ज की गई है। यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 223(बी) और 288 के साथ-साथ विस्फोटक अधिनियम की धारा 9बी(1) के तहत दर्ज है।
रिहायशी इलाके में इस तरह की फैक्ट्री क्यों खतरनाक है?
पुलिस के अनुसार, घनी आबादी वाले क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री का अवैध निर्माण और भंडारण किसी भी दुर्घटना की स्थिति में बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि का कारण बन सकता है। गोकलपुरी एक सघन आवासीय क्षेत्र है, जहाँ ऐसे खतरे का जोखिम और भी बढ़ जाता है।
पुलिस आगे इस मामले में क्या जाँच कर रही है?
अधिकारी अब पटाखे बनाने में इस्तेमाल कच्चे माल के स्रोत और तैयार माल के संभावित वितरण नेटवर्क का पता लगा रहे हैं। जाँच जारी है और आगे और खुलासे संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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