दिल्ली में अवैध पटाखों पर छापेमारी: 5 गिरफ्तार, 5 स्थानों से 91.91 किलो पटाखे जब्त
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने 7 नवंबर को अवैध पटाखों के खिलाफ चलाए गए संयुक्त अभियान में पाँच अलग-अलग स्थानों से 91.910 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे जब्त किए और पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों पर बिना वैध लाइसेंस के पटाखे बेचने और भंडारण करने का आरोप है, तथा सभी पाँच मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्रवाई ज्योति नगर, शास्त्री पार्क और दयालपुर पुलिस थाना क्षेत्रों में एक साथ चलाई गई। पुलिस के अनुसार, अभियान अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण के विरुद्ध जारी व्यापक मुहिम का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में त्योहारी सीज़न के दौरान वायु प्रदूषण और अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है।
ऑपरेशन-दर-ऑपरेशन विवरण
ज्योति नगर इलाके में तीन अलग-अलग ऑपरेशन चलाए गए, जिनमें कुल 61 किलोग्राम पटाखे बरामद हुए। पहले ऑपरेशन में अशोक नगर मार्केट के हनुमान फाटक के पास से सुनाय कुमार (42) को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 26 किलोग्राम पटाखे — जिनमें स्काई शॉट्स, बुलेट बम और चकरियाँ शामिल थीं — जब्त किए गए। क्यूआर-कोड सत्यापन से पुष्टि हुई कि ये पटाखे पर्यावरण के अनुकूल नहीं थे और आरोपी कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।
दूसरे ऑपरेशन में फाटक रोड, डी-ब्लॉक, गली नंबर 3 से अतुल (20) को 13 किलोग्राम अवैध पटाखों के साथ पकड़ा गया। तीसरे ऑपरेशन में अमर कॉलोनी के मंगल बाजार के पास से खेम चंद (54) को 22 किलोग्राम पटाखों समेत गिरफ्तार किया गया।
शास्त्री पार्क में गुप्त सूचना के आधार पर दुर्गा मंदिर रोड पर जीबीएसएएस स्कूल के पास से अवधेश (50) को पकड़ा गया। उनके पास दो प्लास्टिक की बोरियों में 20.360 किलोग्राम अवैध पटाखे बरामद हुए।
दयालपुर क्षेत्र में नेहरू विहार के मेन करावल नगर रोड पर एक मंदिर के पास से यासीन (40) को बिना लाइसेंस पटाखे बेचते हुए पकड़ा गया। उनके पास से 10.550 किलोग्राम पटाखे जब्त किए गए।
आरोपियों की पृष्ठभूमि और जाँच की स्थिति
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पाँचों आरोपियों में से किसी का भी पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है। गौरतलब है कि सभी पाँच मामलों में स्वतंत्र रूप से एफआईआर दर्ज की गई हैं और आगे की जाँच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये पटाखे कहाँ से आए और आपूर्ति शृंखला में कौन और शामिल हो सकते हैं।
आम जनता पर असर
दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध और लाइसेंसिंग नियम वायु गुणवत्ता सुरक्षा के मद्देनज़र लागू हैं। अवैध पटाखे — विशेषकर वे जो क्यूआर-कोड सत्यापन में 'ग्रीन' श्रेणी में नहीं आते — प्रदूषण को बढ़ाने के साथ-साथ अग्नि दुर्घटनाओं का खतरा भी उत्पन्न करते हैं। इस अभियान से स्थानीय निवासियों को त्योहारी मौसम में अधिक सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, जाँच के दायरे को आपूर्तिकर्ताओं और थोक विक्रेताओं तक विस्तारित किया जा सकता है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि त्योहारी सीज़न के दौरान इस तरह के संयुक्त अभियान जारी रहेंगे।