बेगूसराय में तालाब से मिला मुखिया के भाई का शव, 4 दिन से था लापता; हत्या की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बेगूसराय जिले में शनिवार, 8 नवंबर 2026 को एक तालाब से 25 वर्षीय दशरथ साहनी का शव बरामद हुआ, जो 4 नवंबर से लापता था। पुलिस के प्रारंभिक संकेतों और स्थानीय प्रतिनिधियों के आरोपों के अनुसार यह संदिग्ध हत्या का मामला है, हालाँकि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
मुख्य घटनाक्रम
दशरथ साहनी, भगवानपुर थाना क्षेत्र के बनहारा गाँव के निवासी थे और बरौनी ब्लॉक की सहूरी पंचायत में स्वच्छता पर्यवेक्षक (सैनिटेशन सुपरवाइजर) के पद पर कार्यरत थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार वह 4 नवंबर को सुबह की सैर के लिए घर से निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे।
कई दिनों तक खोजबीन के बाद परिवार ने 6 नवंबर को वीरपुर थाने में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तलाश अभियान शुरू किया। शनिवार को दोपहर करीब 3 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सहूरी पंचायत के खेतों — जिन्हें स्थानीय भाषा में 'बहियार' कहा जाता है — में एक तालाब में शव तैर रहा है।
वीरपुर थाने की टीम मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला। शव की पहचान दशरथ साहनी के रूप में हुई। सूचना फैलते ही आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
राजनीतिक संदर्भ
इस मामले ने राजनीतिक महत्त्व इसलिए भी हासिल किया है क्योंकि दशरथ, सहूरी पंचायत की मुखिया प्रमिला देवी के भाई थे। उनके बहनोई जयजय राम साहनी, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के बेगूसराय जिला अध्यक्ष हैं और मुखिया के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य करते हैं। स्थानीय पंचायत की राजनीति और पीड़ित की पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस सभी कोणों से जाँच कर रही है।
आरोप और प्रारंभिक जाँच
पंचायत उप-प्रमुख के प्रतिनिधि रंजन कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि दशरथ को बेरहमी से पीटा गया, गला घोंटा गया, हाथ-पैर बाँधे गए और फिर शव को तालाब में फेंक दिया गया। हालाँकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वीरपुर थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) ने कहा कि शुरुआती जाँच से हत्या का संकेत मिलता है। इस बात की भी जाँच की जा रही है कि कहीं हत्या किसी अन्य स्थान पर तो नहीं की गई और बाद में शव को तालाब में फेंका गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
सदर DSP-2 कुमारी दुर्गा शक्ति घटनास्थल पर पहुँचीं और जाँच की निगरानी की। उन्होंने शव मिलने की पुष्टि की, परन्तु कहा कि परिवार के सदस्यों ने अभी तक घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। उन्होंने बताया कि परिवार की औपचारिक शिकायत और जाँच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
आगे की जाँच
पुलिस अब तीन प्रमुख सवालों के जवाब तलाश रही है — हत्या किसने की, दशरथ को निशाना क्यों बनाया गया और वारदात की सटीक जगह कहाँ थी। निजी दुश्मनी, पंचायत से जुड़े विवाद और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। मौत का अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा, जिस पर पूरे इलाके की नज़रें टिकी हैं।