क्या हाथरस में पेट्रोल पंप डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी की गई?

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क्या हाथरस में पेट्रोल पंप डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी की गई?

सारांश

हाथरस में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है जो पेट्रोल पंप डीलरशिप का झांसा देकर लाखों की ठगी कर रहा था। पुलिस ने फर्जी वेबसाइट के माध्यम से धोखाधड़ी का मामला उजागर किया है। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

साइबर धोखाधड़ी के मामले में जागरूकता आवश्यक है।
फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें।
पुलिस को शिकायत करने में संकोच न करें।
धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें।
साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

हाथरस, 28 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के हाथरस में साइबर क्राइम पुलिस ने पेट्रोल पंप खोलने का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक लंबे समय से फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को पेट्रोल पंप डीलरशिप दिलाने का लालच देकर ठगी कर रहा था।

पुलिस अधीक्षक चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम कुरसंडा, थाना सादाबाद के निवासी अनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें एक ऑनलाइन साइट के माध्यम से केएसके पेट्रोल पंप डीलरशिप से जुड़ी जानकारी मिली थी, जिसमें पेट्रोल पंप की जगह खाली दिखाई गई थी।

इसके पश्चात पीड़ित ने वेबसाइट पर जाकर आवेदन दिया। आवेदन के बाद वेबसाइट के संचालकों ने 27 जनवरी से 23 अप्रैल तक कई किश्तों में कुल 32 लाख 45 हजार रुपए अपने खातों में जमा करवा लिए।

काफी समय बीतने के बाद भी जब डीलरशिप से संबंधित कोई ठोस प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी तो पीड़ित ने मथुरा रिफाइनरी जाकर जानकारी लेने का प्रयास किया। वहां जाकर पता चला कि जिस वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी है और उनके साथ साइबर फ्रॉड किया गया है।

पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर थाना साइबर क्राइम में सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी छोटे राजा परिहार निवासी ग्राम गागौनी, थाना सिहोर, जिला शिवपुरी, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।

आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है। इस मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। हाथरस साइबर क्राइम पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह हमारे समाज में बढ़ते साइबर अपराधों की गंभीरता को भी दर्शाती है। समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि हम ऐसे धोखेबाजों से बच सकें।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आरोपी ने अकेले काम किया था?
नहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपी एक गिरोह का हिस्सा है और अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
पीड़ित ने कितने पैसे ठगे गए?
पीड़ित से कुल 32 लाख 45 हजार रुपए ठगे गए।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।
क्या वेबसाइट फर्जी थी?
जी हां, पीड़ित को बाद में पता चला कि जिस वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया गया था, वह पूरी तरह से फर्जी थी।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं?
हां, पुलिस अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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