क्या सीएम हेमंत और उनकी पत्नी कल्पना के दिल्ली प्रवास से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है?

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क्या सीएम हेमंत और उनकी पत्नी कल्पना के दिल्ली प्रवास से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है?

सारांश

सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना के दिल्ली प्रवास ने झारखंड में सियासी हलचल को जन्म दिया है। क्या वे भाजपा नेताओं से मिले? जानिए इस रहस्यमय यात्रा के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

सीएम हेमंत सोरेन का दिल्ली प्रवास राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना।
भाजपा नेताओं से मुलाकात की अटकलें तेज हैं।
झामुमो के नेता दावा कर रहे हैं कि सरकार स्थिर है।
राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होगा।

रांची, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के छह दिनों के दिल्ली प्रवास ने राज्य में सियासी अटकलों को जन्म दिया है। चर्चा है कि इस दंपती ने दिल्ली में भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है, जिससे राज्य में नए सियासी समीकरणों की संभावनाएं उभर रही हैं।

सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन बुधवार शाम को रांची लौटे। वे एयरपोर्ट के वीवीआईपी गेट से बाहर निकलते ही बिना मीडिया से बातचीत किए सीधे कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के दिल्ली प्रवास को एक प्रशासनिक और व्यक्तिगत यात्रा बताया है, लेकिन राज्य प्रशासन या सरकार की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इस प्रकार, उनके इस लंबे दिल्ली प्रवास को आधार बनाकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर राज्य के सियासी समीकरणों में बदलाव के विभिन्न दावे किए जा रहे हैं। कई सोशल मीडिया पोस्ट और इंटरनेट मीडिया की खबरों में कहा गया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन समाप्त करना चाहता है और इसी उद्देश्य से सोरेन दंपती की भाजपा के बड़े नेताओं से कथित मुलाकात हुई है।

हालांकि, झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने ऐसी किसी भी संभावना को खारिज करते हुए कहा, “गठबंधन को मिला जनमत हमारे लिए सर्वोपरि है। यह सरकार पांच वर्ष नहीं, बीस वर्ष तक चलने की क्षमता रखती है। जो साथी हैं, वही आगे भी साथ रहेंगे।”

झामुमो के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने भी ऐसे दावों का खंडन करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा पूरी तरह प्रशासनिक था। उन्होंने कहा, “जब भी सीएम दिल्ली जाते हैं, ऐसी खबरें जानबूझकर फैलाई जाती हैं। यह गठबंधन मजबूत है और आगे भी स्थिर रहेगा।”

इस बीच, राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इसकी तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 4 दिसंबर को सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

झामुमो के नेता इन दावों का खंडन कर रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम हेमंत सोरेन का दिल्ली प्रवास कब हुआ?
सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी का दिल्ली प्रवास छह दिनों तक चला, जो हाल ही में समाप्त हुआ।
क्या सीएम की भाजपा नेताओं से मुलाकात हुई?
चर्चाएं हैं कि सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी ने दिल्ली में भाजपा के कुछ शीर्ष नेताओं से मुलाकात की।
क्या इस प्रवास का कोई राजनीतिक महत्व है?
इस प्रवास को लेकर राज्य में सियासी समीकरणों में बदलाव की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।
क्या झामुमो सरकार स्थिर है?
झामुमो के नेताओं का कहना है कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और गठबंधन मजबूत है।
राज्य विधानसभा का सत्र कब शुरू हो रहा है?
राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरू हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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