हिमाचल प्रदेश राज्यपाल कविंदर गुप्ता का आह्वान: छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करें, किसान बनें आत्मनिर्भर

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हिमाचल प्रदेश राज्यपाल कविंदर गुप्ता का आह्वान: छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करें, किसान बनें आत्मनिर्भर

सारांश

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में वर्चुअल संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशाला से किसान के खेत तक पहुँचना चाहिए। हिमाचल की 90% ग्रामीण आबादी कृषि पर निर्भर है — यह संदेश इसलिए और भी अहम है।

Key Takeaways

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 30 अप्रैल 2026 को चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर के 17वें दीक्षांत समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या कृषि और संबंधित गतिविधियों पर निर्भर है। राज्य के लगभग 62 प्रतिशत कामगारों को कृषि क्षेत्र से रोज़गार मिलता है। प्रदेश के कुल राज्य घरेलू उत्पाद का लगभग 9.4 प्रतिशत कृषि व संबंधित क्षेत्रों से प्राप्त होता है। राज्यपाल ने कहा कि वैज्ञानिकों का अनुसंधान प्रयोगशाला से किसान के खेत तक पहुँचना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 30 अप्रैल 2026 को पालमपुर स्थित चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में युवा वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे अनुसंधान में नई उपलब्धियाँ हासिल करें जो किसानों की आर्थिक स्थिति को मज़बूत बना सकें। उन्होंने लोकभवन, शिमला से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

दीक्षांत समारोह का महत्व

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सभी उपाधि प्राप्तकर्ताओं और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान के लिए दीक्षांत समारोह अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि यह वह पड़ाव है जब विद्यार्थी शिक्षा पूर्ण कर उसे व्यावहारिक रूप देने के लिए जीवन की यात्रा आरंभ करते हैं। उनके शब्दों में,

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि कृषि अनुसंधान को किसान के खेत तक पहुँचाने की बात दशकों से होती आई है — और अभी भी हिमाचल के GDP में कृषि की हिस्सेदारी महज़ 9.4% है, जबकि 90% ग्रामीण आबादी इसी पर निर्भर है। यह असंतुलन बताता है कि विश्वविद्यालयी अनुसंधान और ज़मीनी वास्तविकता के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। दीक्षांत भाषणों से परे, ज़रूरत है एक ठोस प्रसार तंत्र की जो प्रयोगशाला की उपलब्धियों को वास्तव में किसानों तक ले जाए।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में क्या कहा?
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने 30 अप्रैल 2026 को चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में वर्चुअल संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना ज़रूरी है ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सकें और देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिले। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान प्रयोगशाला से किसान के खेत तक पहुँचना चाहिए।
चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर का 17वां दीक्षांत समारोह कब हुआ?
यह दीक्षांत समारोह 30 अप्रैल 2026 को आयोजित हुआ। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शिमला के लोकभवन से वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित किया।
हिमाचल प्रदेश में कृषि का राज्य की अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है?
राज्यपाल के संबोधन के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के कुल राज्य घरेलू उत्पाद का लगभग 9.4 प्रतिशत कृषि व संबंधित क्षेत्रों से आता है। राज्य के लगभग 62 प्रतिशत कामगारों को कृषि से रोज़गार मिलता है और लगभग 90 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या इस पर निर्भर है।
राज्यपाल ने युवा वैज्ञानिकों को क्या संदेश दिया?
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने युवा वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे अनुसंधान में नई उपलब्धियाँ हासिल करें जो किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना सकें। उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगा बल्कि देश की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मज़बूत करेगा।
पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय की क्या विशेषता है?
चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर का एक गौरवमयी इतिहास रहा है। राज्यपाल के अनुसार, यहाँ से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी देश और दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सेवाएँ दे रहे हैं और विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ इसकी अनुसंधान उत्कृष्टता एवं नवाचार क्षमता का प्रमाण हैं।
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