क्या नए साल पर हिमाचल के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी?

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क्या नए साल पर हिमाचल के मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी?

सारांश

नए साल पर हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने पिछले साल के लिए धन्यवाद और नए साल के लिए आशीर्वाद मांगा। राज्य के नेताओं ने शुभकामनाएं दी और विकास के लिए संकल्प किया।

Key Takeaways

  • नए साल पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी।
  • सुरक्षा के उपायों को बढ़ाया गया है।
  • मुख्यमंत्री ने विकास की उम्मीद जताई।

शिमला, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 2026 के पहले दिन, हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थित मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। उन्होंने पिछले वर्ष के लिए धन्यवाद किया और नए साल के लिए आशीर्वाद मांगा।

उत्तरी भारत के सबसे व्यस्त मंदिरों में से एक, बिलासपुर जिले में पहाड़ी पर स्थित नैना देवी मंदिर में अधिकांश तीर्थयात्री पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली से आए थे। मंदिर के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इसी प्रकार, ऊना जिले में चिंतपूर्णी और कांगड़ा जिले में ज्वालाजी और ब्रजेश्वरी देवी मंदिरों में भी भारी भीड़ देखी गई।

नैना देवी मंदिर के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को फोन पर बताया कि हमें इस वीकेंड तक रोजाना 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी प्रमुख मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि नया साल सभी के लिए ढेर सारी खुशियां लाएगा और नई उम्मीदों, नए संकल्पों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का सामना करते हुए राज्य के लोग सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं।

सीएम सुक्खू ने कहा कि 2025 में राज्य ने कई आपदाओं का सामना किया, लेकिन फिर भी यह विकास और उपलब्धियों का साल रहा, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में अपने संसाधनों से नए बेंचमार्क स्थापित किए गए, साथ ही सरकार ने ''चिट्टा'' नामक केमिकल नशीले पदार्थ को खत्म करने का पक्का संकल्प लिया।

सीएम सुक्खू ने भरोसा दिलाया कि सरकार लोगों की भलाई के लिए और राज्य के पूरे हितों के लिए भविष्य में भी मजबूती से खड़ी रहेगी।

वहीं, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने उम्मीद जताई कि नया साल हर घर में शांति, खुशी और समृद्धि लाएगा और तरक्की और विकास के नए मौके लेकर आएगा।

उन्होंने कहा कि नया साल उम्मीद को फिर से जगाने, पॉजिटिव सोच और एक मजबूत, स्वस्थ और ज्यादा समावेशी समाज बनाने के सामूहिक संकल्प का समय है।

उन्होंने युवाओं से अनुशासन, दया और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को अपनाने और नशा मुक्त, स्वस्थ और समृद्ध राज्य बनाने में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया।

Point of View

बल्कि एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी। ऐसे मौके पर नेताओं का संदेश भी इस बात की पुष्टि करता है कि विकास की राह पर चलते हुए हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं भूलना चाहिए।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

नए साल पर श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि क्यों होती है?
नए साल पर लोग अपने परिवार के साथ मंदिर जाकर आशीर्वाद लेते हैं और पिछले वर्ष के लिए धन्यवाद करते हैं।
क्या सुरक्षा के उपाय किए गए हैं?
जी हां, सभी प्रमुख मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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