क्या डीएमके घोषणापत्र समिति तमिलनाडु में राज्यव्यापी दौरा शुरू करने जा रही है?
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके की घोषणापत्र तैयारी समिति का राज्यव्यापी दौरा
- समाज के विभिन्न वर्गों से राय इकट्ठा करना
- शिक्षा और सामाजिक संगठनों पर विशेष ध्यान
- स्थानीय आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए घोषणापत्र तैयार करना
- 10 फरवरी तक आउटरीच कार्यक्रम जारी रहेगा
चेन्नई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सत्ता में मौजूद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की घोषणापत्र तैयारी समिति सोमवार को वेल्लोर से पूरे राज्य में एक महत्वपूर्ण कंसल्टेशन यात्रा शुरू करने के लिए तैयार है। यह कदम पार्टी के आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी को तेज करने के संदर्भ में उठाया गया है।
पार्टी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक वर्गों से राय, सुझाव और नीति संबंधी विचार इकट्ठा करना है।
इस यात्रा में शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों के साथ बातचीत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, साथ ही सामाजिक संगठनों, पेशेवरों, युवाओं और जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भी चर्चा की जाएगी।
इन मुलाकातों से प्राप्त फीडबैक से डीएमके के चुनावी घोषणापत्र को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
वेल्लोर में बातचीत शुरू करने के बाद, समिति विभिन्न तारीखों पर राज्य के कई प्रमुख शहरों और जिलों का दौरा करेगी। इस यात्रा कार्यक्रम में होसुर, तंजावुर, तिरुचि, तिरुनेलवेली, रामनाथपुरम, कुड्डालोर, सेलम, कोयंबटूर और मदुरै शामिल हैं।
राज्य में आउटरीच कार्यक्रम 10 फरवरी तक जारी रहेगा।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह प्रक्रिया डीएमके की भागीदारी वाली राजनीति और सबको साथ लेकर चलने वाली नीति बनाने पर जोर देती है।
विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों के लोगों से सीधे संपर्क करके, पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उसका घोषणापत्र स्थानीय आकांक्षाओं, क्षेत्रीय विकास की आवश्यकताओं और दीर्घकालिक शासन प्राथमिकताओं को पूरा करे।
आशा है कि समिति इनपुट इकट्ठा करेगी और आगे की चर्चा के लिए पार्टी नेतृत्व को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
इस बीच, डीएमके ने यह भी घोषणा की है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में उसके जिला सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक होगी।
इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें संगठन को मजबूत बनाना, जिला और बूथ स्तर पर तालमेल बनाना और डीएमके सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीतियाँ शामिल हैं।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि इन चर्चाओं से पार्टी के चुनावी अभियान के अगले चरण के लिए रणनीतिक दिशा मिलने की संभावना है।