क्या दावोस 2026 में वैश्विक समस्याओं की दिशा तय करेंगे दुनिया के दिग्गज नेता?

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क्या दावोस 2026 में वैश्विक समस्याओं की दिशा तय करेंगे दुनिया के दिग्गज नेता?

सारांश

दावोस 2026 में वैश्विक नेता इकट्ठा हो रहे हैं, जहां वे वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। इस बैठक में भारत की मजबूत उपस्थिति भी देखने को मिलेगी। क्या ये नेता वैश्विक समस्याओं के लिए नई दिशा तय कर पाएंगे?

Key Takeaways

  • वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा
  • सरकार और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग
  • आर्थिक विकास का महत्व
  • नवाचार पर जोर
  • भारत की भागीदारी

नई दिल्ली, १९ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व के प्रमुख नेता स्विट्जरलैंड के दावोस में एकत्रित हो रहे हैं, जहाँ सरकार, उद्योग, सामाजिक संगठन और शिक्षा से जुड़े लोग मिलकर वैश्विक समस्याओं पर विचार-विमर्श करेंगे। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है, दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों का समाधान निकालना और भविष्य के लिए प्राथमिकताएं तय करना।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के अनुसार, यह बैठक सामूहिक और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डब्ल्यूईएफ के अनुसार, यह आयोजन १९ से २३ जनवरी तक चलेगा और यह पांच प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए सरकार और निजी क्षेत्र के बीच संवाद और सहयोग अनिवार्य है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी शामिल होगी।

इन समस्याओं पर चर्चा करते समय आर्थिक विकास, मजबूती और नवाचार को विशेष महत्व दिया जाएगा। यही तीन बातें तय करेंगी कि दुनिया के नेता आज की जटिल परिस्थितियों को कैसे संभालेंगे और भविष्य के अवसरों को कैसे अपनाएंगे।

इस बीच, भारत भी दावोस में इस वार्षिक बैठक में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार है। इस वैश्विक सम्मेलन में भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और देश की प्रमुख कंपनियों के १०० से अधिक सीईओ शामिल होंगे। भारत, जो दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, विदेशी निवेश आकर्षित करने पर जोर देगा।

दावोस में शामिल होने वाले केंद्रीय मंत्रियों में रेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव, कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी और नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू शामिल हैं।

राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए दावोस पहुंचे मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन. चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी, मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा शामिल हैं।

इस वर्ष वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की शुरुआत 'स्पिरिट ऑफ डायलॉग' यानी संवाद की भावना विषय के साथ हो रही है। यह आयोजन अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी हलचल और बढ़ती वैश्विक राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच हो रहा है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े प्रमुख दिग्गज जैसे जेन्सेन हुआंग, सत्य नडेला, डेमिस हसाबिस और डारियो अमोदेई भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे।

Point of View

जहाँ विश्व नेता मिलकर वैश्विक समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। भारत की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि हम वैश्विक आर्थिक विकास में अपनी भूमिका को समझते हैं।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

दावोस 2026 कब हो रहा है?
दावोस 2026 का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक होगा।
इस सम्मेलन में कौन-कौन से नेता शामिल हो रहे हैं?
इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के नेता, केंद्रीय मंत्री और प्रमुख सीईओ शामिल होंगे।
भारत का इस सम्मेलन में क्या योगदान होगा?
भारत इस सम्मेलन में अपने केंद्रीय मंत्रियों और 100 से अधिक सीईओ की भागीदारी के साथ मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
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