क्या पीएलआई योजना से भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 2025 में 4.15 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया?
सारांश
Key Takeaways
- इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का 2025 में 4.15 लाख करोड़ रुपए के पार जाना।
- स्मार्टफोन निर्यात का कुल निर्यात में 30 अरब डॉलर का योगदान।
- पीएलआई योजना का महत्वपूर्ण प्रभाव।
- भारत का सेमीकंडक्टर उत्पादन में वृद्धि की संभावना।
- भारत का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बनना।
नई दिल्ली, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पहली बार 47 अरब डॉलर यानी 4.15 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर गया है, जो कि भारत के लिए एक विशेष उपलब्धि मानी जा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 37 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वर्ष 2024 के पिछले 12 महीनों में यह निर्यात 34.93 अरब डॉलर था, जो 2025 में काफी बढ़कर हो गया।
कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का लगभग दो-तिहाई हिस्सा, यानी लगभग 30 अरब डॉलर, स्मार्टफोन के निर्यात से आया है। इसमें सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्मार्टफोन निर्यात भी 2025 में अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुँच गया।
दिसंबर 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4.17 अरब डॉलर रहा, जो कि दिसंबर 2024 के 3.58 अरब डॉलर की तुलना में 16.8 प्रतिशत अधिक है।
वर्ष 2025 के 12 महीनों में से 7 महीनों में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4 अरब डॉलर से अधिक रहा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत में निर्मित इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुनिया भर में निरंतर मांग बनी हुई है।
एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में स्मार्टफोन निर्यात का आंकड़ा पिछले पाँच वर्षों में हुए कुल स्मार्टफोन निर्यात का लगभग 38 प्रतिशत है।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 2021 से 2025 के बीच भारत से स्मार्टफोन का कुल निर्यात लगभग 79.03 अरब डॉलर रहा, जिसमें वर्ष 2025 सबसे अधिक निर्यात वाला वर्ष रहा। इस दौरान एप्पल कंपनी के आईफोन का हिस्सा लगभग 75 प्रतिशत रहा, जिसकी कीमत 22 अरब डॉलर से अधिक थी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में कहा कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने से भविष्य में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में और वृद्धि होने की संभावना है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि वर्ष 2026 में यह वृद्धि और अधिक बढ़ेगी, क्योंकि चार सेमीकंडक्टर प्लांट पूरी तरह से उत्पादन शुरू करने वाले हैं।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, 2024-25 के दौरान भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 11.3 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है।
उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में देश में उत्पादन शुरू होने के बाद पहली बार 2025 में भारत से आईफोन का निर्यात 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुँच गया, जो 2024 की तुलना में लगभग 85 प्रतिशत अधिक है।
भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन गया है। देश में बिकने वाले 99 प्रतिशत से ज्यादा मोबाइल फोन अब भारत में ही बनाए जा रहे हैं, जिससे भारत मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।
स्मार्टफोन पीएलआई योजना मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है, हालांकि खबर है कि सरकार इस योजना को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रही है।