क्या आई-पैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए?
सारांश
Key Takeaways
- अभिषेक बनर्जी ने ईडी पर जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया।
- राजनीतिक तनाव विधानसभा चुनाव के नजदीक बढ़ गया है।
- भाजपा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कोलकाता, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को यह दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को 'जानबूझकर' निशाना बनाया है। उनका कहना है कि यह एजेंसी तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति में सहायता कर रही थी और राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में भी पार्टी की मदद कर रही थी।
अभिषेक बनर्जी ने ईडी पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को लंबे समय से परेशान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें, उनकी पत्नी, बच्चों और माता-पिता को बेवजह सताया गया। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए एक बार फिर इन केंद्रीय जांच एजेंसियों के माध्यम से हमें परेशान करने के प्रयास किए जा सकते हैं। लेकिन न तो मैं और न ही तृणमूल कांग्रेस का कोई सदस्य नई दिल्ली के ऐसे दबावों के सामने झुकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नादिया जिले में मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा बनाने वाले मतुआ समुदाय के मतदाता, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उनके नागरिकता और मतदान के अधिकारों के संबंध में दिए गए आश्वासनों से गुमराह नहीं होंगे।
इस बीच, पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई ने बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ राज्यपाल सीवी आनंद बोस को एक याचिका भेजी। भाजपा ने याचिका में आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर चलाए गए छापेमारी और तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों के काम में बाधा डाली।
राज्य भाजपा ने राज्यपाल से उन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का भी अनुरोध किया।
भाजपा ने अपनी याचिका में आगे दावा किया कि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो किसी भी मुख्यमंत्री को चल रही जांच पर निगरानी रखने और कानून प्रवर्तन कार्रवाई को राजनीतिक तमाशा बनाने का अधिकार देता हो।