क्या इस महीने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं?

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क्या इस महीने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने वाले हैं?

सारांश

भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर इस महीने में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह महत्वाकांक्षी समझौता भारत-ईयू संबंधों को और मजबूत करेगा। क्या यह समझौता वैश्विक व्यापार में नई दिशा देगा? जानें इस महत्वपूर्ण खबर के बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • भारत और ईयू के बीच प्रस्तावित एफटीए पर इस महीने हस्ताक्षर हो सकते हैं।
  • 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान या उसके तुरंत बाद समझौता होने की संभावना है।
  • 24 अध्यायों में से 20 अध्यायों पर सहमति बन चुकी है।

नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर इस महीने में हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है। यह समझौता 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान या उसके तुरंत बाद हो सकता है, जब शीर्ष यूरोपीय नेता आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली आएंगे।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत और ईयू के वार्ताकार व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को होने वाली शीर्ष नेतृत्व की बैठक से पहले, गणतंत्र दिवस के एक दिन बाद, शेष मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

अग्रवाल ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए के तहत कुल 24 अध्यायों में से 20 अध्यायों पर सहमति बन चुकी है और बचे हुए कुछ मुद्दों पर बातचीत जारी है।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 27 जनवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। दोनों नेता 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

इस सप्ताह भारत दौरे पर आए जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भी संकेत दिया था कि भारत-ईयू व्यापार समझौते पर जनवरी के अंत तक हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जर्मनी इस मुक्त व्यापार समझौते का पुरजोर समर्थन करता है। मर्ज़ ने यूरोपीय संघ और भारत से समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे पिछले एक साल में बाधित हुई वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को ब्रुसेल्स में ईयू के साथ हुई व्यापार वार्ता को अपने मंत्रालय की “मुख्य उपलब्धि” बताया। उन्होंने कहा, “ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोश शेफचोविच के साथ सार्थक चर्चा हुई। प्रस्तावित भारत-ईयू एफटीए के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही एक निष्पक्ष, संतुलित और महत्वाकांक्षी समझौते को अंतिम रूप देने के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया गया, जो साझा मूल्यों, आर्थिक प्राथमिकताओं और नियम-आधारित व्यापार व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप हो।”

गोयल ने यह भी बताया कि उन्होंने लिकटेंस्टीन का दौरा कर वहां की शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के क्रियान्वयन की समीक्षा की।

Point of View

तो यह न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग को भी मजबूती प्रदान करेगा।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

भविष्य में भारत-ईयू व्यापार समझौते का क्या महत्व होगा?
यह समझौता व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर करेगा।
क्या इस समझौते से भारतीय उद्योग को लाभ होगा?
हाँ, यह भारतीय उद्योगों के लिए नए बाजारों के दरवाजे खोल सकता है।
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