क्या महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मुंबई पुलिस आवास टाउनशिप परियोजना को मंजूरी दी?
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई पुलिस के लिए आवास की कमी एक गंभीर समस्या है।
- सरकार 30 प्रतिशत राशि प्रदान करेगी।
- यह परियोजना 5 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र में विकसित होगी।
मुंबई, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने शनिवार को 'मुंबई पुलिस आवास टाउनशिप परियोजना' को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुंबई शहर और उसके उपनगरों में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए लगभग 40,000 से 45,000 सरकारी आवास उपलब्ध कराना है。
यह परियोजना लोक निर्माण विभाग के तहत महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआईडीसी) द्वारा कार्यान्वित की जाएगी।
इस टाउनशिप परियोजना में लगभग 5 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्र का विकास शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपए है।
सरकार इस टाउनशिप के लिए आवश्यक धन का 30 प्रतिशत प्रदान करेगी, जबकि शेष 70 प्रतिशत एमएसआईडीसी विभिन्न वित्तीय संस्थानों से सरकारी गारंटी के माध्यम से ऋण के रूप में जुटाएगी।
परियोजना को प्रारंभ करने के लिए निगम को 100 करोड़ रुपए की प्रारंभिक निधि को भी मंजूरी दी गई है।
गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मुंबई की बढ़ती जनसंख्या और सुरक्षा आवश्यकताओं को देखते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए सुसज्जित और आधुनिक कॉलोनियों की सख्त जरूरत है। इससे पुलिस बल अधिक तत्परता और कुशलता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेगा।
मुंबई पुलिस बल में कुल 51,308 कर्मी हैं। वर्तमान में, उपलब्ध सेवा क्वार्टर ब्रिटिश काल की पुरानी और जर्जर इमारतों में स्थित हैं। उपलब्ध 22,904 सेवा आवासों में से लगभग 3,777 उपयोग के योग्य नहीं हैं।
हर महीने 400 से 500 से अधिक अधिकारी और कर्मी आवास के लिए आवेदन करते हैं। आवास की कमी के कारण, मुंबई पुलिस बल के सदस्यों को अपने कार्यस्थलों तक प्रतिदिन आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने पीएम-ई-ड्राइव योजना के तहत पुणे महानगर परिवहन महामंडल की 1,000 ई-बस सुविधाओं के लिए धन हस्तांतरण की सीधी प्रणाली को मंजूरी दी है।