क्या ओपीएस ने अन्नाद्रमुक की एकता की फिर से मांग उठाई, ईपीएस को जिम्मेदार ठहराया?
सारांश
Key Takeaways
- ओपीएस ने अन्नाद्रमुक के एकीकरण की अपील की।
- ईपीएस पर पार्टी संकट का आरोप लगाया।
- राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत।
चेन्नई, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने शनिवार को अन्नाद्रमुक के सभी गुटों के एकीकरण की एक नई अपील की। इस दौरान, उन्होंने पार्टी में चल रहे लंबे आंतरिक संकट के लिए सीधे एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) को जिम्मेदार बताया।
चेन्नई में अन्नाद्रमुक के संस्थापक एम. जी. रामचंद्रन (एमजीआर) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ओपीएस ने कहा कि ईपीएस ने पार्टी के उपनियमों में एकतरफा बदलाव किए हैं। उनके अनुसार, महासचिव के चुनाव से संबंधित नियमों में किए गए संशोधन एमजीआर द्वारा स्थापित लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं और यही अन्नाद्रमुक के मौजूदा संकट का मुख्य कारण हैं।
ओपीएस ने कहा कि ये बदलाव बिना किसी व्यापक सहमति के किए गए हैं, जिससे पार्टी की सामूहिक नेतृत्व संस्कृति कमजोर हुई है।
अपने कानूनी रुख को दोहराते हुए, ओपीएस ने विश्वास जताया कि अन्नाद्रमुक महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया को चुनौती देने वाले मामले में उन्हें अंततः अदालत से राहत मिलेगी। यह नई एकता की अपील ओपीएस के दिसंबर में लिए गए सख्त रुख से भिन्न है।
23 दिसंबर को उन्होंने ईपीएस के महासचिव रहते हुए किसी भी पुनर्मिलन की संभावना को खारिज किया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि उन्हें ईपीएस का नाम लेने में भी "शर्म" महसूस होती है और उन्होंने अपने समर्थकों को तमिल माह ‘थाई’ में एक नए राजनीतिक रास्ते के उभरने का भरोसा दिलाया था।
ओपीएस के ताजा बयान उनके रुख में नरमी और रणनीतिक पुनर्संतुलन का संकेत देते हैं।
राजनीतिक गठबंधनों के सवालों पर ओपीएस ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधित हालिया बीजेपी बैठक में शामिल होने का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने ईपीएस से उनके (ओपीएस) अन्नाद्रमुक में लौटने की बात कही थी, लेकिन ईपीएस ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
एएमएमके नेता टी.टी.वी. दिनाकरण के एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर ओपीएस ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि इस तरह के फैसले पूरी तरह दिनाकरण के निजी निर्णय हैं।
ओपीएस की इन टिप्पणियों से तमिलनाडु की विपक्षी राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। अन्नाद्रमुक के भीतर सत्ता संघर्ष के बीच उनकी एकता की नई अपील आने वाले अहम चुनावी मुकाबलों से पहले सियासी समीकरणों को और रोचक बना रही है।