क्या छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के विस्फोटक भंडार को निष्क्रिय किया?

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क्या छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के विस्फोटक भंडार को निष्क्रिय किया?

सारांश

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंकियों के एक विस्फोटक भंडार को निष्क्रिय कर दिया है। यह सफलता दंतेवाड़ा में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने छिपे हुए विस्फोटकों को खोज निकाला। इस घटना से क्षेत्र में शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

Key Takeaways

  • सुरक्षा बलों ने माओवादी विस्फोटक भंडार को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया।
  • माओवादी संगठन के 52 कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया।
  • यह घटना क्षेत्र में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

रायपुर, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर पुलिस थाने के अंतर्गत कुर्सिंगबहार गांव के नजदीक स्थित पहाड़ी जंगलों में छिपे माओवादी आतंकियों के विस्फोटक भंडार को एक संयुक्त टीम ने खोज निकाला और उसे निष्क्रिय कर दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए भंडार में 174 किलोग्राम का एक बैरल-प्रकार का तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी), एक बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, छह मीटर लम्बे कॉर्डेक्स तार के पांच बंडल, छह इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, आठ जिलेटिन स्टिक, बिजली के तार का एक बंडल, सेफ्टी फ्यूज का एक बंडल, साथ ही दवाएं, दैनिक उपयोग की वस्तुएं और माओवादी साहित्य शामिल थे।

लगभग 11 लाख रुपए मूल्य के ये विस्फोटक रणनीतिक रूप से घात लगाकर हमला करने के लिए छिपाए गए थे।

बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया, जिससे तत्काल खतरा टल गया। यह घटना छत्तीसगढ़ के माओवादी विरोधी अभियानों में मिली महत्वपूर्ण सफलताओं के अनुरूप है।

इसी बीच, छत्तीसगढ़ में माओवाद विरोधी अभियान के तहत प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के 52 कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह कदम बस्तर क्षेत्र में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 21 महिलाएं और 31 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल मिलाकर 1.41 करोड़ रुपए का इनाम था।

वे दक्षिण उप-क्षेत्रीय ब्यूरो, दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति, आंध्र-ओडिशा सीमा प्रभाग और भामरागढ़ क्षेत्र समिति जैसे प्रमुख माओवादी संगठनों से जुड़े थे।

हिंसा छोड़ने का उनका निर्णय जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स, कोबरा और सीआरपीएफ के निरंतर संयुक्त अभियानों के साथ-साथ शांति और विकास की अपीलों से प्रभावित था।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई हाई-प्रोफाइल सदस्य शामिल हैं, जिनमें 8 लाख रुपए8 लाख रुपए का इनाम रखा था।

अन्य लोगों में चिन्नी सोढ़ी उर्फ ​​शांति, भीमा करम, विष्णु मांडवी उर्फ ​​किरण उर्फ ​​मोती और मोती कोरसा शामिल थे, जिनमें से प्रत्येक की महत्वपूर्ण भूमिकाएं थीं और उन पर 5 से 8 लाख रुपए तक का इनाम था।

Point of View

यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों का सामना करने के लिए सुरक्षा बलों की मेहनत ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। हाल की सफलताओं से यह साबित होता है कि राज्य सरकार और सुरक्षा बल मिलकर उग्रवाद का मुकाबला कर सकते हैं।
NationPress
15/01/2026

Frequently Asked Questions

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने कब और कहाँ माओवादी विस्फोटक भंडार को निष्क्रिय किया?
सुरक्षा बलों ने 15 जनवरी को दंतेवाड़ा जिले के कुर्सिंगबहार गांव के पास माओवादी विस्फोटक भंडार को निष्क्रिय किया।
माओवादियों के विस्फोटक भंडार में क्या-क्या शामिल था?
जब्त किए गए भंडार में आईईडी, ग्रेनेड लॉन्चर, डेटोनेटर, जिलेटिन स्टिक और अन्य वस्तुएं शामिल थीं।
कितने माओवादी सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किए?
छत्तीसगढ़ में 52 माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया।
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