क्या तमिलनाडु सरकार ने निचले वर्ग के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए पोंगल बोनस की घोषणा की?
सारांश
Key Takeaways
- तमिलनाडु सरकार ने पोंगल बोनस की घोषणा की है।
- सी और डी श्रेणी के कर्मचारियों को 3,000 रुपए का बोनस मिलेगा।
- पेंशनरों को 1,000 रुपए की विशेष सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
- सरकार ने 183.86 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है।
- यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राहत प्रदान करेगा।
चेन्नई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु सरकार ने पोंगल त्योहार से पहले राज्य के निचले स्तर के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए विशेष पोंगल बोनस की घोषणा की है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, सी और डी श्रेणी के कर्मचारियों को पोंगल के अवसर पर 3,000 रुपए का अतिरिक्त बोनस मिलेगा। साथ ही, सी और डी श्रेणी के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशन धारकों को 1,000 रुपए की विशेष सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को सहायता देने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिनकी आय सीमित होती है।
इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए राज्य सरकार ने कुल 183.86 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। यह राशि सी और डी श्रेणी के पेंशनरों, पारिवारिक पेंशनरों और पात्र पूर्व ग्राम अधिकारियों को पोंगल बोनस के भुगतान के लिए उपयोग की जाएगी। सरकार ने वित्त विभाग को निर्देश दिया है कि धनराशि बिना किसी देरी के जारी की जाए, ताकि लाभार्थियों को पोंगल से पहले समय पर बोनस मिल सके।
सरकार ने यह लाभ उन कर्मचारियों तक भी बढ़ाया है जो लंपसम और समेकित वेतन पर कार्यरत हैं। ऐसे कर्मचारियों को भी पोंगल पैकेज के तहत 1,000 रुपए की विशेष राशि दी जाएगी। इससे राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में कार्यरत हजारों अस्थायी और संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय सरकार के समावेशी विकास और कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाता है। कम आय वाले वर्गों को वित्तीय सहायता देकर सरकार चाहती है कि परिवार पोंगल से जुड़े खर्चों को आसानी से संभाल सकें और आर्थिक स्थिरता बनी रहे।
कर्मचारी संगठनों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच यह बोनस समय पर मिलना कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। अब जब आवश्यक धनराशि मंजूर हो चुकी है, सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भुगतान की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए, ताकि पोंगल से पहले सभी पात्र लाभार्थियों तक बोनस पहुंच सके।