क्या पीएम मोदी राजकोट में 11 जनवरी को रीजनल वाइब्रेंट समिट का शुभारंभ करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का उद्घाटन
- सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में निवेश के अवसर
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी
- क्रोड़ों के एमओयू पर हस्ताक्षर
- स्वदेशी थीम पर स्वागत
राजकोट, १ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को एक नई दिशा देने के लिए ११ जनवरी से राजकोट में रीजनल वाइब्रेंट समिट का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। गुजरात के मंत्री जीतू वाघाणी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत हेतु रोड शो की योजना बनाई गई है।
प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और लोग उनके स्वागत के लिए बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में आयोजित ट्रेड शो का भी उद्घाटन करेंगे। इस वाइब्रेंट समिट में यूक्रेन, जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया सहित कई देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। समिट के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के एमओयू किए जाएंगे, जिससे सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी। यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास दृष्टि पर लोगों के विश्वास को भी दर्शाता है।
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्वदेशी थीम पर किया जाएगा, जिसमें भारत की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उत्पादों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। अब तक इस वाइब्रेंट समिट के लिए ६ हजार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जबकि २२ देशों के प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके अतिरिक्त, समिट के दौरान विभिन्न विषयों पर राउंड टेबल बैठकें भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें उद्योग, व्यापार और निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रदर्शनी को आकर्षक बनाने के लिए सेमिनार, फूड कोर्ट, ‘एक जिला-एक उत्पाद’ की झलक और कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अदाणी और रिलायंस जैसी देश की प्रमुख औद्योगिक कंपनियां भी इस समिट में हिस्सा लेंगी। इसके माध्यम से सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र की ब्रांडिंग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने के लिए कई विशेष आयोजन किए जाएंगे। कुल मिलाकर यह समिट सौराष्ट्र-कच्छ को निवेश और विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रही है।