क्या दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई से सुनील गुप्ता का खेल खत्म होगा?

Click to start listening
क्या दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई से सुनील गुप्ता का खेल खत्म होगा?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में एक बड़े ऑपरेशन में करोड़ों की नकदी और संपत्ति जब्त की है। क्या यह कार्रवाई सुनील गुप्ता के लिए अंत का संकेत है? जानिए इस मामले की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • ईडी की कार्रवाई से करोड़ों की संपत्ति जब्त हुई।
  • सुनील गुप्ता के ठिकानों पर चल रही है जांच।
  • धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
  • अमन कुमार और इंदरजीत सिंह का नाम भी शामिल है।
  • यह कार्रवाई समाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम है।

नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दक्षिण दिल्ली के सर्वप्रिय विहार में एक महत्वपूर्ण तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 5.12 करोड़ रुपए की नकदी, 8.8 करोड़ रुपए के सोने और हीरे के गहनों के साथ-साथ 35 करोड़ रुपए की संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए। अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के निवास और फार्महाउस पर भी सर्च अभियान का विस्तार किया।

यह तलाशी अभियान 30 दिसंबर को शुरू हुआ था और यह अभी भी सुनील गुप्ता के ठिकानों पर जारी है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सुनील गुप्ता ने पहले अमन कुमार को ऋण दिया था, जो इंदरजीत सिंह का करीबी सहयोगी है। ईडी की जांच के अनुसार, अमन कुमार ने सुनील गुप्ता को बड़ी रकम स्थानांतरित कर अपराध की आय को छिपाने की कोशिश की थी।

वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के ठिकानों से अब तक 1.22 करोड़ रुपए नकद और लगभग 8.50 करोड़ रुपए के गहने भी जब्त किए जा चुके हैं।

इससे पहले ईडी ने जानकारी दी थी कि इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं/व्यक्तियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत तलाशी अभियान चलाया गया था।

ईडी की जांच के अनुसार, इंदरजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली, निजी फाइनेंसरों से जबरन ऋण निपटान, हथियारों के दम पर धमकी देने और इन गैरकानूनी गतिविधियों से कमीशन कमाने का आरोप है। इसी सिलसिले में धन शोधन की जांच शुरू की गई थी।

यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और दाखिल चार्जशीटों के आधार पर शुरू की गई है। ये मामले शस्त्र अधिनियम 1959, बीएनएस 2023 और भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज हैं।

30 दिसंबर को नई दिल्ली के सर्वप्रिय विहार में अमन कुमार के ठिकाने पर की गई तलाशी में ईडी को बड़ी बरामदगी मिली।

Point of View

NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

ईडी ने क्यों कार्रवाई की?
ईडी ने इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
क्या कार्रवाई में क्या-क्या जब्त किया गया?
ईडी ने 5.12 करोड़ रुपए नकद, 8.8 करोड़ रुपए के गहने और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए।
सुनील गुप्ता कौन हैं?
सुनील गुप्ता एक व्यवसायी हैं जिनके ठिकानों पर ईडी ने तलाशी अभियान चलाया।
इस कार्रवाई का आगे क्या असर होगा?
इस कार्रवाई का असर वित्तीय अपराधों पर रोकथाम और समाज में भ्रष्टाचार पर प्रभाव डालने की दिशा में हो सकता है।
क्या यह मामला राजनीतिक है?
यह मामला पूरी तरह से वित्तीय अपराध से संबंधित है और राजनीतिक उद्देश्यों से मुक्त है।
Nation Press