क्या दर्जनों देशों ने चीन के रुख का समर्थन किया है?

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क्या दर्जनों देशों ने चीन के रुख का समर्थन किया है?

सारांश

बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने बताया कि थाईवान मुद्दे पर चीन की हालिया कार्रवाई के बाद, कई देशों ने चीन के रुख का समर्थन किया है। जानिए इस समर्थन के पीछे के कारण और चीन की प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • चीन के रुख का समर्थन करने वाले देशों की संख्या बढ़ रही है।
  • थाईवान मुद्दा चीन के लिए महत्वपूर्ण है।
  • चीन ने बाहरी हस्तक्षेप का विरोध किया है।
  • सैन्य अभ्यास 'जस्टिस मिशन-2025' सफल रहा है।
  • राष्ट्रों के बीच समर्थन का महत्व बढ़ रहा है।

बीजिंग, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने 31 दिसंबर को कहा कि चीन की जवाबी कार्रवाई की घोषणा और संबंधित सैन्य अभ्यास के बाद से, कई देशों ने विभिन्न रूपों में चीन के रुख का समर्थन किया है। चीन इन देशों के दृढ़ समर्थन की अत्यधिक सराहना करता है।

उसी दिन आयोजित नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, एक पत्रकार ने पूछा: थाईवान मुद्दे पर चीन की हालिया जवाबी कार्रवाई और दंडात्मक उपायों, और थाईवान के निकट चीनी जन मुक्ति सेना के सैन्य अभ्यास के बाद, रूस, क्यूबा, सर्बिया, वेनेजुएला, जिम्बाब्वे, पाकिस्तान और कई अन्य देशों ने अपना समर्थन व्यक्त किया है। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है?

लिन च्येन ने कहा कि चीन द्वारा जवाबी कार्रवाई की घोषणा और संबंधित सैन्य अभ्यास के बाद से, दर्जनों देशों ने विभिन्न रूपों में चीन के रुख के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि थाईवान चीन की भूमि का एक अभिन्न अंग है, थाईवान का मुद्दा चीन का आंतरिक मामला है। वे किसी भी प्रकार की 'थाईवान स्वतंत्रता' का विरोध करते हैं और राष्ट्रीय संप्रभुता एवं प्रादेशिक अखंडता की रक्षा में चीन का समर्थन करते हैं, चीन के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करते हैं और एक-चीन सिद्धांत का पालन करना जारी रखेंगे। हम चीन के प्रति इन देशों के दृढ़ समर्थन की अत्यधिक सराहना करते हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर को चीन जन मुक्ति सेना के पूर्वी थिएटर कमांड के प्रवक्ता, नौसेना के वरिष्ठ कप्तान ली शी ने कहा कि पूर्वी थिएटर कमांड द्वारा आयोजित 'जस्टिस मिशन-2025' अभ्यास ने सभी कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और सैनिकों की एकीकृत संयुक्त युद्ध क्षमताओं का व्यापक परीक्षण किया है। थिएटर कमांड की सेना उच्च सतर्कता पर है, निरंतर प्रशिक्षण और युद्ध तत्परता को मजबूत कर रही है, थाईवान की स्वतंत्रता के नाम पर अलगाववाद और बाहरी हस्तक्षेप के प्रयासों को दृढ़ता से विफल कर रही है, और राष्ट्रीय संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता की दृढ़ता से रक्षा कर रही है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Point of View

जो कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण है। यह एक संकेत है कि विभिन्न राष्ट्रों के बीच संबंधों की जटिलता को समझने की आवश्यकता है। ऐसे समय में, जब थाईवान का मुद्दा उठता है, चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति समर्थन को समझना आवश्यक है।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

चीन के रुख का समर्थन करने वाले देश कौन से हैं?
रूस, क्यूबा, सर्बिया, वेनेजुएला, जिम्बाब्वे, पाकिस्तान और कई अन्य देश शामिल हैं।
थाईवान मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है?
थाईवान चीन की भूमि का एक अभिन्न अंग माना जाता है और इसे चीन का आंतरिक मामला समझा जाता है।
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