क्या डीएमडीके ने शिक्षकों और सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन किया है?

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क्या डीएमडीके ने शिक्षकों और सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन किया है?

सारांश

डीएमडीके ने शिक्षकों और सफाई कर्मियों की मांगों का समर्थन किया है। क्या यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर और क्या कदम उठाए जाएंगे।

Key Takeaways

  • डीएमडीके ने शिक्षकों और सफाई कर्मियों के समर्थन में खड़ा किया है।
  • सरकार से मांगों का त्वरित समाधान करने की अपील।
  • राजनीतिक पुनर्संयोजन की संभावना।
  • नशे की समस्या पर गंभीर चिंता
  • आगामी राज्य सम्मेलन में महत्वपूर्ण निर्णय।

चेन्नई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने गुरुवार को कहा कि तमिलनाडु सरकार को आंदोलनरत माध्यमिक श्रेणी के शिक्षकों और सफाई कर्मियों की लंबित मांगों का तुरंत समाधान करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इन दोनों वर्गों के साथ दृढ़ता से खड़ी है।

चेन्नई में संवाददाताओं से बात करते हुए प्रेमलता ने कहा कि शिक्षकों और सफाई कर्मियों की उठाई गई शिकायतें पूरी तरह से जायज हैं और सरकार को बिना किसी देरी के इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह प्रदर्शनकारियों से बातचीत करे और किसी न्यायपूर्ण व स्थायी समाधान पर पहुंचे।

उन्होंने कहा, “ये लोग समाज के सुचारु संचालन में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”

2026 के विधानसभा चुनावों से पहले की राजनीतिक गतिविधियों पर टिप्पणी करते हुए, डीएमडीके नेता ने कहा कि आगामी चुनाव तमिलनाडु के इतिहास में अभूतपूर्व होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की राजनीति में बड़े पुनर्संयोजन देखने को मिलेंगे और चुनावों के बाद गठबंधन सरकार बनने की प्रबल संभावना है।

प्रेमलता ने दोहराया कि डीएमडीके अपने चुनावी गठबंधन पर अंतिम फैसला 9 जनवरी को होने वाले पार्टी के राज्य सम्मेलन के बाद ही करेगी। उन्होंने कहा, “सम्मेलन में विस्तृत चर्चा के बाद पार्टी अपने भविष्य की रणनीति तय करेगी। जिस गठबंधन का हम हिस्सा होंगे, वही विधानसभा चुनाव जीतेगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 4 जनवरी को तमिलनाडु यात्रा के दौरान डीएमडीके को आमंत्रण मिलने संबंधी सवाल पर प्रेमलता ने कहा कि उनकी पार्टी को ऐसी कोई सूचना या निमंत्रण नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पार्टी संगठन को मजबूत करने और राज्य सम्मेलन की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

प्रेमलता ने राज्य में बढ़ते नशे के खतरे पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से मादक पदार्थों की बिक्री और वितरण पर कड़ी रोक लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि नशाखोरी युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।

इस बीच, पार्टी की ओर से अलग से घोषणा की गई कि 5 जनवरी को चेन्नई के कोयंबेडु स्थित पार्टी मुख्यालय में डीएमडीके के जिला सचिवों की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में संगठनात्मक मुद्दों, राज्य सम्मेलन की तैयारियों और विधानसभा चुनावों से पहले की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।

Point of View

डीएमडीके का शिक्षकों और सफाई कर्मियों के प्रति समर्थन उनके आगामी चुनावी गठबंधन की दिशा को प्रभावित कर सकता है। यह एक महत्वपूर्ण समय है, जहां राजनीतिक दलों को अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करना होगा।
NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

डीएमडीके ने किसकी मांगों का समर्थन किया है?
डीएमडीके ने शिक्षकों और सफाई कर्मियों की लंबित मांगों का समर्थन किया है।
प्रेमलता विजयकांत ने क्या कहा?
उन्होंने सरकार से मांग की है कि वे शिक्षकों और सफाई कर्मियों की शिकायतों का तुरंत समाधान करें।
डीएमडीके का अगला कदम क्या होगा?
डीएमडीके अपने चुनावी गठबंधन पर अंतिम फैसला 9 जनवरी को होने वाले राज्य सम्मेलन के बाद करेगी।
राज्य में नशे की समस्या पर प्रेमलता का क्या कहना है?
उन्होंने सरकार से मादक पदार्थों की बिक्री और वितरण पर कड़ी रोक लगाने की मांग की है।
डीएमडीके का अगला सम्मेलन कब है?
डीएमडीके का अगला सम्मेलन 5 जनवरी को चेन्नई में होगा।
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